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बालोद जिले के युवा लोक कलाकार राजू उर्फ प्रेम साहू का हार्ट अटैक से निधन हो गया। सीने में अचानक तेज दर्द उठने के बाद वे बेहोश होकर गिर पड़े थे। वहीं, बेटे की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर अस्पताल जा रहे उनके माता-पिता भी सड़क हादसे का शिकार हो गए। एक ओर जवान बेटे की मौत और दूसरी ओर माता-पिता के घायल होने की घटना ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। गुरुर में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत 30 वर्षीय प्रेम साहू मूल रूप से सिकोसा क्षेत्र के ग्राम कोड़ेवा के निवासी थे। उनका परिवार लंबे समय से बालोद शहर के बूढ़ापारा स्थित सीतानगर वार्ड में निवास कर रहा है। परिजनों के मुताबिक शुक्रवार को वे निजी कार्य से कांकेर क्षेत्र गए हुए थे। दोपहर करीब 2 बजे गुरुर पहुंचने पर उनके सीने में अचानक तेज दर्द उठा। वे बस स्टैंड के पास एक होटल के समीप रुके, लेकिन कुछ ही देर बाद बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें इलेक्ट्रिक वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुर पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटे की खबर सुनकर निकले माता-पिता, रास्ते में हुआ हादसा घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने परिजनों को प्रेम साहू की तबीयत खराब होने की सूचना दी। इसके बाद पिता रूपराम साहू और माता चंद्रकला साहू बाइक से बालोद से गुरुर के लिए रवाना हुए। रास्ते में करहीभदर और मुजगहन के बीच उनकी बाइक फिसल गई। हादसे में चंद्रकला साहू का पैर टूट गया, जबकि रूपराम साहू के हाथ में गंभीर चोट आई। दोनों को पहले जिला अस्पताल बालोद और बाद में बेहतर उपचार के लिए सिवनी स्थित उम्मीद अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल माता-पिता ने एंबुलेंस से पहुंचकर किए अंतिम दर्शन परिजनों ने प्रेम साहू के शव को जिला अस्पताल बालोद की मर्च्युरी में रखवाया। शनिवार सुबह 11 बजे शव को सीतानगर स्थित उनके निवास लाया गया। इस दौरान घायल माता-पिता को भी एंबुलेंस से अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंचाया गया। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के सहारे पहुंचे माता-पिता अपने जवान बेटे को अंतिम बार देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। रामघाट मुक्तिधाम में हुआ अंतिम संस्कार दोपहर 1 बजे बालोद शहर के रामघाट मुक्तिधाम में प्रेम साहू का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में परिजन, मित्र, कलाकार शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। लोककला के क्षेत्र में बनाई थी अलग पहचान प्रेम साहू जिले के चर्चित युवा लोक कलाकारों में गिने जाते थे। वे रंग मया परिवार लोक संस्कृति रिकॉर्ड डांस के माध्यम से छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। कला जगत में उनकी पहचान प्रेम साहू के नाम से थी और जिले के अनेक सांस्कृतिक आयोजनों में वे नियमित रूप से अपनी प्रस्तुतियां देते थे। असमय निधन से कला जगत में शोक उनके रिश्तेदार शेष साहू ने बताया कि प्रेम साहू की असमय मृत्यु से पूरे कला जगत को गहरा आघात पहुंचा है। शनिवार को अंतिम दर्शन के लिए कलाकारों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों की बड़ी संख्या उनके निवास पहुंची। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
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