रायपुर16 मिनट पहले
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मालेगांव निवासी मेहमूदा बानो हैं, जिन्हें उपचार और देखभाल के बाद सुरक्षित रूप से उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
रायपुर में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित एकीकृत महिला सहायता केंद्र अपराजिता जरूरतमंद महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इसका उदाहरण महाराष्ट्र के मालेगांव निवासी मेहमूदा बानो हैं, जिन्हें उपचार और देखभाल के बाद सुरक्षित रूप से उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
करीब 40 वर्षीय मेहमूदा बानो 24 जून 2024 को मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में रायपुर स्थित अपराजिता केंद्र में भर्ती कराई गई थीं। यहां उन्हें नियमित चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक परामर्श और देखभाल उपलब्ध कराई गई, जिससे उनकी मानसिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ।
टोल फ्री नंबर जारी
स्वास्थ्य में सुधार के बाद 13 अप्रैल 2026 को मेहमूदा बानो को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। दो साल बाद परिवार से मिलना उनके जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक बना और परिवार के लिए भावुक पल साबित हुआ।
वर्ष 2023 में स्थापित इस केंद्र का उद्देश्य मानसिक रूप से अस्वस्थ और असहाय महिलाओं को उपचार, परामर्श और अस्थायी आश्रय देना है। अब तक करीब 150 महिलाएं इससे लाभान्वित हो चुकी हैं। विभाग ने हर माह कम से कम दो महिलाओं के पुनर्वास का लक्ष्य रखा है, वहीं सुपुर्दगी के बाद भी उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए हेल्पलाइन 155326 और टोल फ्री नंबर 1800-233-8989 जारी किए गए हैं।

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