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छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गंगरेल बांध पर जल दुर्घटनाओं से निपटने के लिए एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास जबलपुर के बरगी डैम में हुई घटना के बाद जल सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सतर्कता को दिखाता है। कलेक्टर ने नाव चलाने के दौरान हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट पहनना जरूरी बताया और नावों में ज्यादा लोगों को बैठाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए। पहले देखिए 3 तस्वीरें गंगरेल बांध में जल दुर्घटनाओं से निपटने के लिए मॉक ड्रिल जबलपुर में हुई घटना को ध्यान में रखते हुए गंगरेल बांध में संभावित जल दुर्घटनाओं से निपटने के लिए यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में जल्दी कार्रवाई करना, सभी बचाव टीमों के बीच सही तालमेल बनाना और बेहतर तरीके से रेस्क्यू कार्य करना था। मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें एक नाव/क्रूज असंतुलित होकर पलट जाती है और कुछ यात्री पानी में गिर जाते हैं। जैसे ही इस घटना की सूचना मिलती है, रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर योजना के अनुसार बचाव कार्य शुरू कर देती है। रेस्क्यू दल ने पानी में गिरे व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला रेस्क्यू टीम ने मोटर बोट और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की मदद से पानी में गिरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया और जरूरत पड़ने पर घायलों को अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि गंगरेल डैम एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, इसलिए यहां सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि नाव संचालन के दौरान लाइफ जैकेट अनिवार्य है और ओवरलोडिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। कलेक्टर ने जनहानि को रोकने के लिए समय-समय पर ऐसे मॉक ड्रिल आयोजित करने पर जोर दिया।
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