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कोरबा में भीषण गर्मी के कारण पानी और भोजन की तलाश में भटकते एक बंदर को खरमोरा क्षेत्र में कुत्तों के हमले से बचाया गया। शुक्रवार दोपहर एक घर में घुसने के बाद कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया था। स्थानीय लोगों की मदद से उसे सुरक्षित निकाला गया, जिसके बाद वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम और वन विभाग ने उसे जंगल में छोड़ दिया। खरमोरा निवासी दीप माला के घर शुक्रवार दोपहर बंदर पानी की तलाश में पहुंचा। प्यासे बंदर को देखते ही मोहल्ले के कुत्तों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। घर के सदस्यों ने शोर सुनकर बाहर आकर कुत्तों को भगाया और बंदर की जान बचाई। डरा हुआ बंदर घर के एक कोने में जाकर छिप गया। दीप माला ने तत्काल वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को घटना की जानकारी दी। सारथी ने डीएफओ प्रेमलता यादव को सूचित किया, जिसके बाद वन विभाग की टीम, जिसमें बबलू मारवा और राजू बर्मन शामिल थे, मौके पर पहुंची। बंदर का सुरक्षित रेस्क्यू टीम ने बड़ी सावधानी से बंदर का रेस्क्यू किया। उसे गर्मी से राहत देने के लिए पानी से नहलाया गया, जिससे उसके शरीर का तापमान सामान्य हो सके। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद बंदर को उसके प्राकृतिक आवास जंगल में छोड़ दिया गया। बढ़ती गर्मी से वन्यजीवों पर असर जितेंद्र सारथी ने बताया कि बढ़ते तापमान के कारण जंगल में पानी के स्रोत सूख रहे हैं। इसी वजह से बंदर, हिरण और अन्य वन्यजीव भोजन-पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं। कई बार उन्हें बिजली का करंट लग जाता है या कुत्तों के हमले से वे घायल हो जाते हैं। लोगों से सतर्क रहने की अपील सारथी ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई वन्यजीव घरों के आसपास दिखे तो घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचित करें। समय पर रेस्क्यू से उनकी जान बचाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से अपनी छतों पर पानी के बर्तन रखने का भी आग्रह किया, ताकि पक्षियों को पीने का पानी मिल सके।
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