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दुर्ग नगर निगम की महापौर अल्का बाघमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे सड़क किनारे ठेला लगाने वाले दुकानदारों को धमकाते नजर आ रही हैं। वीडियो में वे यह भी कहती सुनाई देती हैं कि “एक लगा दूंगी मैं, मेरा हाथ उठ जाएगा। वीडियो के वायरल होने के बाद अब सोशल मीडिया पर उनकी खूब आलोचना हो रही है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो कुंआ चौक इलाके का है, जहां लंबे समय से ठेले-खोमचे वाले सड़क के बीच तक दुकान लगाते हैं। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है और कई बार ट्रैफिक भी प्रभावित होता है। इसी को लेकर महापौर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंची थीं और दुकानदारों को हटने के लिए कह रही थीं। वीडियो सामने आने के बाद कई लोग इसे हाल का बता रहे हैं, लेकिन महापौर अल्का बाघमार का कहना है कि यह वीडियो करीब तीन महीने पुराना है। उन्होंने कहा कि उस समय भी वे कई बार दुकानदारों को समझा चुकी थीं, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। अब सफाई में बोली- मेरे शब्द गलत थे, इरादे नहीं
दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में महापौर अल्का ने कहा कि दुर्ग में कुआं चौक के पास आप देखेंगे तो रोड के बीच-बीच तक दुकाने लगाई जा रही है। मैं कई बार उनसे निवेदन कर चुकी हूं। कई बार मेरे कर्मचारी भी उन्हें समझा चुके हैं। लेकिन वो मानने को तैयार नहीं। उसके बाद मैं गई थी। मैं महापौर होने के पहले एक इंसान हूं। हो सकता है मेरे शब्द गलत हों, पर मेरा विचार गलत नहीं था। महापौर बोलीं- हम किसी को रोजी-रोटी नहीं दे रहे तो हम छीनेंगे भी नहीं
महापौर ने कहा कि मैंने वहां पर दुकान लगाने वालों को बहुत समझाया है। फिर वही स्थिति हो गई है। कुआं चौक के पास जाने से पता चलेगा कि कहां तक वे घेर कर दुकान लगा रहे हैं। ये समझने वाली बात है। किसी का रोजी-रोटी हमको नहीं छीनना है। क्योंकि हम किसी को रोजी-रोटी दे नहीं रहे हैं, तो हम छीनेंगे नहीं। लेकिन उनको भी शहर की सुरक्षा और स्वच्छता का ध्यान उनको भी रखना पड़ेगा। आवाजाही में होती है परेशानी
महापौर का कहना है कि इस मार्ग से रोजना हजारों लोग गुजरते हैं। कल को यदि दुर्घटना हो जाएगा, तो जवाब कौन देगा? और यदि मेरे अधिकारी-कर्मचारी पैसा लेकर दुकान लगवा रहे हैं, तो उस पर भी कार्यवाही होगी और यदि कोई नेता सिर्फ़ एक वोट के लिए हज़ार वोट देने वाले हैं उनके साथ यदि खिलवाड़ कर रहा है, तो वो भी गलत है। हमको जनता ने चुना है और हमारी ज़िम्मेदारी है उनकी सुरक्षा। तो यदि इस तरह से अतिक्रमण रहेगा, कल को कोई एक्सीडेंट हो जाएगा, कौन जवाब देगा इसको? और कौन किसकी भरपाई कर पाएगा? सोशल मीडिया पर हो रहीं ट्रोल
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग महापौर के शब्दों की आलोचना कर रहे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी भाषा की आलोचना की है तो कई लोगों ने शहर के बड़े व्यापारियों के कब्जों पर कार्रवाई न कर गरीबों को परेशान करने की बात कही है। वहीं कुछ सोशल मीडिया हैंडलर्स ने लिखा है कि उनको पहले दुकान देना चाहिए, फिर उन्हें हटाना चाहिए। सोशल मीडिया पर इसको लेकर लगातार लोगों की ओर से विचार आ रहे हैं।
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