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कटघोरा वनमंडल के कटघोरा वनपरिक्षेत्र में 46 हाथियों का एक बड़ा दल सक्रिय है, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। रविवार सुबह यह दल धोबघट क्षेत्र से आगे बढ़कर अब बासीन की ओर विचरण कर रहा है। इस बीच, झुंड से बिछड़े दो हाथी जड़गा रेंज में अलग से डेरा डाले हुए हैं। दो दिन पहले, इसी क्षेत्र के ग्राम पटेलपारा और धोबघट में चार हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया था। हाथियों ने किसानों की सब्जी फसलों को नुकसान पहुंचाया, घरों में रखे धान को नष्ट कर दिया और तीन ग्रामीणों के मकानों को भी तोड़ दिया था। इन घटनाओं के बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। लोग अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए रात-रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। क्षेत्र में लगातार हाथियों की मौजूदगी से खतरा बढ़ गया है। वन विभाग की निगरानी और ग्रामीणों में नाराजगी वन विभाग की ओर से लगातार हाथियों की निगरानी की जा रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विभाग का दावा है कि “हाथी मित्र दल” सक्रिय रूप से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग हाथियों को क्षेत्र से खदेड़ने में अब तक सफल नहीं हो पाया है। कटघोरा रेंज में 46 हाथियों का डेरा, दो पर विशेष नजर कटघोरा डीएफओ निशांत कुमार ने बताया कि झुंड से अलग हुए दो हाथियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। वन विभाग की टीम लगातार आसपास के गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को हाथियों के पास जाने से मना कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। यह 46 हाथियों का दल पिछले कई महीनों से कटघोरा रेंज में डेरा डाले हुए है।
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