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छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले एक प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई जांच के बाद सामने आई, जिसमें शासकीय प्राथमिक शाला कोल्हुआ के प्रधान पाठक पर फर्जी पिता के नाम से नौकरी हासिल करने का आरोप सही पाया गया। ग्राम कुशफर निवासी सत्यनारायण ने 11 अप्रैल 2025 को कलेक्टर के समक्ष इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत कुशफर के सरपंच और एक शासकीय शिक्षक ने एक ही पिता का नाम इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए थे। दूसरे के नाम पर प्रधान पाठक ने की नौकरी जांच के दौरान दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए। जांच प्रतिवेदन में शिकायत को सही पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला कोल्हुआ के प्रधान पाठक का वास्तविक नाम रामदुलार (पिता जीतू) है, लेकिन उन्होंने लालमन सिंह (पिता रामवृक्ष) के नाम से सरकारी नौकरी प्राप्त की थी। इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है। इसके परिणामस्वरूप, संबंधित प्रधान पाठक को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान प्रधान पाठक का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रामचंद्रपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी मनी राम यादव ने बताया कि इस मामले में नियमित विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
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