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भास्कर न्यूज | डौंडी ग्राम भर्रीटोला में 32 लाख रुपये की लागत से बन रहा दो मंजिला उप स्वास्थ्य केंद्र भवन फंड के अभाव में पिछले एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है। तहसील मुख्यालय डोंडी से लगभग 8 किमी दूर स्थित इस गांव में नया भवन बनने के लिए पुराने स्वास्थ्य केंद्र को तोड़ दिया गया था, लेकिन अब निर्माण कार्य ठप होने से यहां पर्याप्त जगह नहीं बची है। स्थिति यह है कि न तो कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था है और न ही प्रसव जैसी जरूरी सेवाएं दी जा पा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले यह स्वास्थ्य केंद्र पूरे जिले में प्रसव मामलों के लिए अग्रणी था, लेकिन अब यहां एक भी डिलीवरी नहीं हो पा रही है। वर्तमान में प्रसव के लिए मरीजों को ठेमा बुजुर्ग और पचेड़ा जैसे अन्य उप स्वास्थ्य केंद्रों में ले जाना पड़ता है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर भर्रीटोला, ढोरी, ठेमा, मडियाकट्टा और कारुटोला सहित आसपास के गांवों के लोग इलाज के लिए निर्भर थे, लेकिन अधूरे भवन के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन को ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्राम सरपंच रेवा रावटे, उपसरपंच अंगेश्वर कृपाल सहित अन्य ग्रामीणों ने शासन से शीघ्र निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है। सीजीएमएससी के माध्यम से किया जा रहा निर्माण इस संबंध में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. विजय सिंह ठाकुर ने बताया कि फंड के अभाव में निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने बताया कि यह निर्माण छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) के माध्यम से किया जा रहा है और करीब 3000 की आबादी को ध्यान में रखकर दो मंजिला भवन स्वीकृत किया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फंड की कमी के कारण दल्ली राजहरा क्षेत्र में भी पांच उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
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