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आने वाले खरीफ सीजन में खाद खरीदने के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है। जिस किसान के पास फॉर्मर आईडी होगी, उसे ही समितियों से यूरिया, पोटाश, डीपी आदि खाद मिलेगा। सिर्फ इतना ही नहीं बिना आईडी के किसान बाजार से निजी दुकान में भी यदि खाद खरीदने जाएंगे तो दुकानदार उनका नाम, नंबर आदि दर्ज करेगा, तब जाकर वे खाद खरीद पाएंगे। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सही किसानों तक सही मात्रा में खाद पहुंचना है, ताकि अनियमित वितरण और ब्लैक मार्केटिंग को रोका जा सके। अफसरों ने बताया कि आने वाले समय में प्रदेशभर में खाद का संकट होने की आंशका है। इसलिए किसानों को पर्याप्त खाद मिले और इसकी कालाबाजारी न हो। यह व्यवस्था 2026-27 के खरीफ सीजन से लागू की जाएगी। आईडी नहीं होने पर सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। सभी सुविधाओं के लिए अब फार्मर आईडी जरूरी कर दी गई है। दुर्ग जिले में करीब सवा लाख किसान है। जिन्होंने अबतक एग्री टेक में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उन्हें जल्दी करना होगा।
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