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भास्कर न्यूज|कवर्धा शासकीय पीजी कॉलेज कवर्धा में ज्ञान भारतम् पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला हुआ। यहां इतिहास को किताबों से निकाल तकनीक से जोड़ने की पहल की गई। ताकि प्राचीन ज्ञान को सुरक्षित रखा जा सके। कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. ऋचा मिश्रा के मार्गदर्शन और इतिहास विभाग के संयोजक डॉ. राकेश चंदेल के नेतृत्व में आयोजित हुआ। मुख्य वक्ताओं इतिहासविद् महेश आमदे, टीपी दुबे और अजय चंद्रवंशी ने बताया कि पांडुलिपियां सिर्फ कागज नहीं, हमारी पहचान हैं। उन्होंने बताया कि इन दस्तावेजों में हमारी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान की जड़ें छिपी हैं, जिन्हें संरक्षित करना बेहद जरूरी है। कार्यशाला की सबसे खास बात रही ज्ञान भारतम् एप का लाइव डेमो दिखाया गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रतिभागियों को दिखाया गया कि कैसे पंजीयन करना है, कैसे डेटा एंट्री करनी है, कैसे पांडुलिपियों का सर्वेक्षण करना है। इससे छात्रों और शिक्षकों को समझ आया कि अब इतिहास की खोज सिर्फ लाइब्रेरी तक सीमित नहीं, बल्कि मोबाइल से भी संभव है। कार्यक्रम में छात्रों ने इसे सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ज्ञान बचाने का मिशन बताया। विशेषज्ञों के मुताबिक कई पांडुलिपियां अब भी गांवों, मंदिरों और निजी संग्रह में छिपी हैं। समय के साथ ये नष्ट हो रही हैं। यदि अभी दस्तावेजीकरण नहीं हुआ, तो यह धरोहर हमेशा के लिए खो सकती है।
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