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आदिवासी समाज की बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के प्रथम नेता प्रतिपक्ष रहे नंदकुमार साय ने बड़ा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि आदिवासी परिवार कम से कम 5 बच्चे पैदा करें। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि जिनके यहां 5 बच्चे नहीं होंगे, उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। साय ने अपने संबोधन में जनगणना को लेकर भी सतर्क रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान धर्म कोड में ‘आदिवासी’ ही लिखा जाए। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया में “खेल” हो सकता है, इसलिए समाज के लोगों को पूरी तरह जागरूक रहने की जरूरत है। ‘बाहरी लोगों की गिनती पर भी रखें नजर’ साय ने यह भी कहा कि जनगणना के दौरान बाहरी लोगों की गिनती को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने समाज से अपील की कि पूरी प्रक्रिया पर नजर रखें और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी सामने लाएं। कौन हैं नंदकुमार साय? नंदकुमार साय छत्तीसगढ़ के कद्दावर आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं। वे राज्य के पहले नेता प्रतिपक्ष रहे हैं और लंबे समय तक भाजपा की आदिवासी राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे। साय कई बार सांसद भी रह चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासी मुद्दों को उठाते रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस की सदस्यता लेने के करीब सात महीने बाद ही उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इस बैठक में समाज के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम भी मौजूद रहे। साथ ही झारखंड से आए प्रतिनिधियों ने भी इसमें हिस्सा लिया। साय के इस बयान के बाद प्रदेश ही नहीं, देशभर में आदिवासी राजनीति गरमाने की संभावना जताई जा रही है।
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