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कोरबा के कटघोरा वन मंडल के ग्राम मुढाली में एक एशियन पाम सिवेट (बज्जू) को पानी की निर्माणाधीन टंकी से सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह बज्जू कई दिनों से टंकी में फंसा हुआ था। नोवा नेचर वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे बचाकर जंगल में छोड़ दिया। दरअसल, हरदीबाजार क्षेत्र के ग्राम मुढाली में बन रही पानी की टंकी में यह बज्जू गिर गया था। ग्रामीणों ने उसे बाहर निकालने के लिए टंकी में सीढ़ी भी लगाई, लेकिन कई दिनों तक वह बाहर नहीं निकल पाया। इसके बाद गांव के युवक भूपेंद्र दास ने नोवा नेचर टीम के जितेंद्र सारथी को इसकी सूचना दी। डेढ़ घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद निकाला गया सूचना मिलने पर जितेंद्र सारथी ने कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत को घटना की जानकारी दी। डीएफओ के मार्गदर्शन में नोवा नेचर टीम के सदस्य राजू बर्मन और बबलू मारवा को तत्काल ग्राम मुढाली भेजा गया। टीम ने गांव पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। लगभग एक घंटे तक चले इस जोखिम भरे ऑपरेशन के बाद बज्जू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पंचनामा तैयार करने के बाद वन विभाग ने बज्जू को उसके प्राकृतिक रहवास जंगल में छोड़ दिया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कटघोरा रेंजर शुभम मिश्रा, बिट प्रभारी रज्जन सिंह, परिक्षेत्र सहायक संतोष कुमार रात्रे और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। रात में एक्टिव, दिन में करता है आराम विशेषज्ञों के अनुसार, एशियन पाम सिवेट एक रात्रिचर जीव है, जो रात में सक्रिय रहता है और दिन में आराम करता है। यह सर्वाहारी होता है, जो फल, जामुन, कीट-पतंगे, छोटे जीव और पक्षियों के अंडे खाता है। यह बीजों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर वन पारिस्थितिकी को संतुलित रखने में सहायक है। यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 में शामिल है, जिसे सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है। वन्यजीव हमारी जैव-विविधता की धरोहर- डीएफओ डीएफओ कुमार निशांत ने बताया कि वन्यजीव हमारी जैव-विविधता की धरोहर हैं और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि, ऐसे जीव दिखने पर तत्काल वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचित करें।
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