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सूरजपुर में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और भाजपा महिला मोर्चा ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का विरोध करने वाले विपक्षी दलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लाए गए इस अधिनियम में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा के आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें विपक्षी नेताओं के पुतले फूंके गए। विपक्षी नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन भाजयुमो जिलाध्यक्ष देव गुप्ता और भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष नूतन विश्वास के नेतृत्व में विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और असदुद्दीन ओवैसी की शव यात्रा निकाली गई। यह यात्रा पुराना विश्राम गृह से शुरू होकर अग्रसेन चौक तक पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने इन नेताओं के पुतले फूंके। इस दौरान ‘कांग्रेस पार्टी महिला विरोधी है’ और ‘नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारे लगाए गए। भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने विपक्ष पर साधा निशाना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजयुमो जिलाध्यक्ष देव गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को नेतृत्व देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मातृशक्ति को केवल वोट बैंक मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने सदन में इस अधिनियम का विरोध करके अपना असली चरित्र उजागर कर दिया है। देव गुप्ता के अनुसार, विपक्षी दल नहीं चाहते कि देश की बेटियाँ नीति-निर्धारण और सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएँ। महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष नूतन विश्वास ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करने वाला था, और इसे रोकने का प्रयास करके विपक्ष ने देश की करोड़ों महिलाओं का अपमान किया है।
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