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बलरामपुर जिले में सरकारी योजना और सब्सिडी के नाम पर एक किसान से साढ़े पांच लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बादा निवासी किसान प्रेम साय (62) को नहर निर्माण और खेत सुधार के नाम पर ठगों ने अपना शिकार बना लिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को बताया ठेकेदार, मुंशी और मैनेजर शिकायत के मुताबिक, 7 अप्रैल को दो युवक पल्सर बाइक से किसान के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार खेत मरम्मत और नहर निर्माण के लिए सब्सिडी दे रही है। अगले ही दिन आरोपियों ने जेसीबी लगाकर खेत के पास नहर खोदने का काम भी शुरू कर दिया। खुद को ठेकेदार, मुंशी और मैनेजर बताकर उन्होंने किसान का भरोसा जीत लिया। पहले पैसे जमा करो, फिर मिलेगी सरकारी छूट आरोपियों ने किसान से कहा कि योजना का टेंडर पास कराने के लिए 5 लाख 50 हजार रुपये जमा करने होंगे। बाद में सरकार की ओर से राशि में छूट मिल जाएगी। विश्वास में आए किसान प्रेम साय को आरोपी अंबिकापुर के बैंक ले गए। वहां किसान ने चेक के जरिए 5.50 लाख रुपये निकालकर आरोपियों को दे दिए। रसीद लेने गए और फिर गायब हो गए पैसे लेने के बाद आरोपी रसीद लाने का बहाना बनाकर वहां से फरार हो गए। बाद में उनके मोबाइल नंबर बंद मिले और मौके से जेसीबी मशीन भी गायब थी। इसके बाद किसान को एहसास हुआ कि उसके साथ बड़ी ठगी हो चुकी है। साइबर सेल की मदद से यूपी तक पहुंची पुलिस पीड़ित किसान की शिकायत पर चौकी बरियों में अपराध क्रमांक 113/2026 के तहत धारा 318(2), 318(4), 61(2) भा.न्या.सं. के तहत मामला दर्ज की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। टीम को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर और बाराबंकी भेजा गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अंजूर खान, अमीन खान और मंजूर खान को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपी बाराबंकी जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पल्सर बाइक भी बरामद की है। पूछताछ में कबूला जुर्म पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने ठगी की वारदात स्वीकार कर ली है। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
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