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छत्तीसगढ़ के धमतरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक निशुल्क सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित हुए, जहां मुख्य अतिथियों ने अपने अनुभव साझा किए और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। यह नि:शुल्क सेमिनार धमतरी शहर के सिहावा चौक के पास आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, प्रेरणा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था। यह आयोजन “ASP से सीधी मुलाकात” कार्यक्रम के तहत संपन्न हुआ। सेमिनार में विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के अन्य सदस्यों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजनांदगांव की एएसपी सारिका वैद्य थीं। भारतीय बौद्ध महासभा जिला धमतरी के अध्यक्ष दीपक वैद्य ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि भारतीय बौद्ध महासभा छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष पालनहार मेश्राम विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इन सभी ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायी मार्गदर्शन दिया और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने एएसपी सारिका वैद्य से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। एएसपी ने सरल और प्रेरणादायी ढंग से उनके प्रश्नों का समाधान किया और सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। एएसपी ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र एएसपी सारिका वैद्य ने बताया कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने का मूल मंत्र अपने लक्ष्य और कार्य पर पूर्ण ध्यान केंद्रित करना, कर्म पर विश्वास रखना और निरंतर संघर्ष करते रहना है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर चुनौतियों का सामना करने, स्वयं से प्रेम करने और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। परिवार सबसे बड़ा सहारा और प्रेरणा उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति आभार और सम्मान रखने की सीख दी। एक प्रेरक गतिविधि और खेल के माध्यम से उन्होंने बच्चों को परिवार का महत्व समझाया और बताया कि सफलता पाने में परिवार सबसे बड़ा सहारा और प्रेरणा होता है। साथ ही यह भी कहा गया कि आगे भी विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास और मार्गदर्शन के लिए ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।
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