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छत्तीसगढ़ के धमतरी में पुलिस ने 151 गुम हुए मोबाइल उनके मालिकों को लौटा दिए हैं। साइबर टीम की कड़ी मेहनत से इन मोबाइलों को बरामद किया गया। इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में एसपी, कलेक्टर और महापौर ने लोगों को मोबाइल गुम होने से बचाने और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के टिप्स दिए। यह कार्यक्रम धमतरी जिले के पुलिस लाइन कंपोजिट बिल्डिंग में ‘मोबाइल वापसी अभियान’ के तहत आयोजित किया गया था। जिले के सभी थाना क्षेत्रों से गुम हुए मोबाइलों को साइबर सेल ने सफलतापूर्वक रिकवर किया और एक ही दिन में 151 लोगों को उनके फोन वापस सौंपे। कार्यक्रम में एसपी, कलेक्टर अविनाश मिश्रा और रामू रोहरा सहित कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। एमपी-ओडिशा से भी बरामद हुए मोबाइल पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए 151 मोबाइलों में से कई केवल छत्तीसगढ़ से ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों से भी साइबर सेल द्वारा ट्रैक करके वापस लाए गए थे। मोबाइल वापस मिलने के बाद मालिकों ने अपने अनुभव साझा किए। मोबाइल मालिकों ने बताया कि उनके फोन घर से या बाजार जैसी जगहों से गुम हुए थे। उन्होंने थाने से फोन आने के बाद मिली खुशी को व्यक्त किया और कहा कि कई महीनों तक मोबाइल के बिना रहना काफी मुश्किल था। कुछ लोगों ने पुलिस के प्रति अपना विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि 3 साल पहले गुम हुए मोबाइल भी पुलिस ने लौटाए हैं, जिससे उनकी खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। कलेक्टर ने कहा- जनता का भरोसा जीतना सबसे बड़ी जिम्मेदारी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि लोगों द्वारा साझा किए गए अनुभवों से पुलिस और प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ता है। उन्होंने जोर दिया कि जिस तरह से 151 मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए गए हैं, उससे लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा और मजबूत होगा। एसपी सूरज सिंह परिहार ने जानकारी दी कि यह ‘मोबाइल वापसी अभियान’ का दूसरा चरण था। पिछले चरण में 108 मोबाइल बरामद कर लौटाए गए थे। एसपी ने कहा कि पुलिस हमेशा अच्छा काम करती है, और इस पहल से लोगों तक एक सकारात्मक संदेश पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि मोबाइल मिलने के बाद कई मालिक बेहद खुश और आश्चर्यचकित नजर आ रहे थे, कुछ को तो यकीन ही नहीं हो रहा था।
मोबाइल लौटाने से पहले मंच पर मौजूद अधिकारियों ने कार्यक्रम में आए लोगों को समझाया कि मोबाइल खो जाने पर जरूरी दस्तावेज और डेटा दूसरे मोबाइल में कैसे सुरक्षित तरीके से वापस लाए जा सकते हैं। उन्होंने प्रोजेक्टर और संबोधन के जरिए साइबर सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारियां भी दीं।
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