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छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर के बठेना वार्ड स्थित रेलवे अंडरब्रिज किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। इसकी कम ऊंचाई और स्थायी जलभराव के कारण कृषि यंत्र जैसे ट्रैक्टर और हार्वेस्टर यहां से नहीं निकल पाते। इससे किसानों को खाद-बीज और फसल खेतों तक ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वार्डवासियों ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए ब्रिज की ऊंचाई बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें शंकरदाह और अधारी नवागांव होकर 5 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय, श्रम और ईंधन की बर्बादी होती है। रेलवे लाइन पार खेती में आवागमन की गंभीर समस्या वार्ड की महिलाओं ने बताया कि रेलवे लाइन के उस पार खेती करने में उन्हें काफी परेशानी होती है। आने-जाने में तकलीफों का सामना करना पड़ता है और ट्रैक्टर में सामान भी नहीं ले जा सकते। उनका कहना है कि ट्रैक्टर न तो ऊंचाई पर चढ़ पाता है और न ही नीचे से निकल पाता है। बरसात में अंडरब्रिज जलभराव का खतरा महिलाओं ने यह भी बताया कि सूखे में भी यह स्थिति है, जबकि बरसात के दिनों में अंडरब्रिज में काफी पानी भर जाएगा, जिससे खेती के लिए कोई रास्ता ही नहीं बचेगा। रेलवे द्वारा दिया गया रास्ता भी चलने लायक नहीं है। अधूरा निर्माण और स्थायी समाधान की मांग पूर्व पार्षद लुकेश्वरी साहू ने आरोप लगाया कि रेलवे की ओर से बनाया गया अंडरब्रिज अधूरा है और इसे बहुत गहराई में बना दिया गया है, जो खेतों से काफी नीचे है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश से पहले इसका निर्माण पूरा नहीं हुआ तो आवागमन और भी दुभर हो जाएगा। वार्ड के सभी किसान इससे प्रभावित हो रहे हैं। वार्डवासियों ने स्थायी जल निकासी, अंडरब्रिज की ऊंचाई बढ़ाने और एक वैकल्पिक मार्ग की मांग की है।
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