टॉप न्यूज़

धमतरी में निकली भगवान जगन्नाथ की 110वीं रथयात्रा:रथ में सवार होकर जनकपुर पहुंचे प्रभु, उमड़ी भक्तों की भीड़, जगह-जगह बंटी गजा-मूंग की प्रसादी




धमतरी में भगवान जगन्नाथ की 110वीं ऐतिहासिक रथयात्रा गुरुवार को पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई। भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा मैया और बलभद्र भैया रथ में सवार होकर श्री जगदीश मंदिर से जनकपुर के लिए रवाना हुए। रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे मार्ग में भक्तिमय माहौल बना रहा। रथयात्रा से पहले श्री जगदीश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की गई। इसके बाद भगवान जगन्नाथ रथ में विराजमान होकर जनकपुर के लिए रवाना हुए। भगवान के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालु सड़क किनारे इंतजार करते रहे। युवाओं ने खींचा रथ, जगह-जगह बंटी प्रसादी श्री जगदीश मंदिर से शुरू हुई यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं की टोलियों ने भगवान का रथ खींचा। यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर रथ रोका गया, जहां श्रद्धालुओं के बीच गजा-मूंग की प्रसादी वितरित की गई। कई भक्त भगवान के प्रति आस्था जताते हुए दंडवत प्रणाम करते भी नजर आए। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए। सप्ताहभर चला रथयात्रा पर्व श्री जगदीश मंदिर में रथयात्रा पर्व सप्ताहभर से हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा था। मंदिर की परंपरा के अनुसार, भगवान के अस्वस्थ होने पर उन्हें काढ़े का भोग लगाया जाता है। स्वस्थ होने के बाद भगवान गर्भगृह से बाहर आते हैं और हवन-पूजन के बाद पुनः स्थापित किए जाते हैं। रथयात्रा के दिन भगवान रथ में सवार होकर भक्तों को दर्शन देते हैं। 110वें वर्ष की ऐतिहासिक रथयात्रा मंदिर ट्रस्टियों ने बताया कि श्री जगदीश मंदिर की महाप्रभु जगन्नाथ रथयात्रा का यह 110वां वर्ष है। इस अवसर पर धमतरी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। बारिश को माना शुभ संकेत रथयात्रा शुरू होते ही बारिश होने लगी। ट्रस्टियों ने इसे शुभ संकेत बताया। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने पूरे भक्तिभाव के साथ यात्रा पूरी की। भक्तों ने भगवान जगन्नाथ से सुख-शांति, समृद्धि और किसानों के लिए भरपूर फसल की कामना की।



Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button