![]()
धमतरी जिले के केरेगांव थाना क्षेत्र में एक अधेड़ व्यक्ति का खून से लथपथ शव मिलने से सनसनी फैल गई। शुक्रवार को शव मिलने के बाद भी शनिवार शाम तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका, जिससे नाराज परिजनों ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मृतक की पहचान नरेश यादव (50), पिता झंक्तु यादव के रूप में हुई है। पुलिस को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव खून से सना हुआ था, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। घर से निकले थे, फिर नहीं लौटे मृतक के बेटे अरुण कुमार के अनुसार, उनके पिता गुरुवार दोपहर 1 बजे घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन पुलिस से सूचना मिलने पर वे थाने पहुंचे, जहां फोटो दिखाकर शव की पहचान कराई गई। परिजनों का आरोप है कि मृतक के सिर पर धारदार हथियार (टंगिया) से वार के निशान हैं। 20 घंटे बाद भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम परिजनों का कहना है कि शव को शुक्रवार रात करीब 8 बजे जिला अस्पताल की मरच्यूरी में रखा गया, लेकिन शनिवार शाम 4 बजे तक भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। उन्होंने इसे सिस्टम की लापरवाही बताते हुए कहा कि अस्पताल में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रायपुर रेफर करने पर विवाद परिजनों के अनुसार, पहले जिला अस्पताल में ही पोस्टमार्टम कराने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में शव को रायपुर रेफर करने की जानकारी दी गई। इससे परिजन और आक्रोशित हो गए। मृतक के दोस्त अजीत कुमार ने आरोप लगाया कि 20 घंटे से अधिक समय बीत जाने से शव से बदबू आने लगी है और प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। अधिकारियों का पक्ष जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. ए.के. टोंडर ने बताया कि शव काफी पुराना और सड़ी-गली स्थिति में था, इसलिए उसे रायपुर रेफर किया गया है। वहीं एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडे ने कहा कि डॉक्टरों द्वारा रायपुर रेफर किए जाने और कागजी प्रक्रिया में समय लगने के कारण पोस्टमार्टम में देरी हुई है। परिजन परेशान, कार्रवाई की मांग परिजनों ने मामले में लापरवाही की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें घंटों से भूखे-प्यासे रहकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
<
