![]()
धमतरी में गांव को नशामुक्त बनाने की मांग को लेकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए। हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने गांव में अवैध शराब, गांजा, नशीली दवाइयों और जुए के कारोबार पर रोक लगाने की मांग की। यह प्रदर्शन बिरेझर चौकी क्षेत्र के ग्राम मुल्ले के ग्रामीणों द्वारा किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। गांव का माहौल बिगड़ रहा, बच्चे हो रहे बर्बाद:ग्रामीण ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि गांव में कुछ लोग खुलेआम शराब, गांजा और नशीली गोलियों की बिक्री कर रहे हैं। साथ ही जुआ भी खिलाया जा रहा है, जिससे गांव का माहौल लगातार खराब हो रहा है। ग्रामीण भागीराम साहू ने कहा कि नशे के कारण छोटे बच्चों और युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने कहा, “हम गांव को नशामुक्त देखना चाहते हैं। यहां शराब, गांजा और नशीली दवाइयां नहीं बिकनी चाहिए और जुआ भी बंद होना चाहिए।” 15 साल से शिकायत कर रहे, कार्रवाई नहीं:आरोप ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। पिछले 10 से 15 वर्षों से गांव में अवैध गतिविधियां चल रही हैं। भागीराम साहू के मुताबिक, ग्रामीण करीब 15 बार कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिकायत कर चुके हैं। गांव में कई बैठकें भी हुईं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। आरोपियों को पकड़कर फिर छोड़ दिया जाता है ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर अवैध शराब और गांजा बेचने के मामले दर्ज हैं, उनके खिलाफ कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी हुई, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया जाता है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बैठकें भी आयोजित की गईं, लेकिन अवैध गतिविधियों में लिप्त लोग 10-12 निर्दोष ग्रामीणों के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराने थाने पहुंच जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उन पर कार्रवाई भी हुई है। जिससे निर्दोष ग्रामीण परेशान होते हैं। उग्र आंदोलन की चेतावनी धरने पर बैठे ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में अवैध गतिविधियों में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने साफ कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
<
