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छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। ईडी जल्द ही कोर्ट में फाइनल प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट पेश करने की तैयारी में है। इसी सिलसिले में जांच को तेज करते हुए टीम ने लगातार दूसरे दिन रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और दुर्ग में छापेमारी की। शुक्रवार को ईडी की टीमों ने दो शराब कारोबारियों और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकानों पर दबिश दी। जांच के दौरान प्रॉपर्टी से जुड़े अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। वहीं, बिलासपुर में फरार आरोपी विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू के भाई और सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के घर पर भी देर रात तक तलाशी चली। टीम वहां से बड़ी मात्रा में सोना, चांदी और नकदी लेकर रवाना हुई। ईओडब्ल्यू पिछले चार सालों से सुब्बू की तलाश कर रही है। कोर्ट से उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी है, लेकिन अब तक उसके विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर या रेड कॉर्नर नोटिस जारी नहीं हो सका है। यही कारण है कि वह सिंडीकेट की अहम कड़ियां अपने पास होने के बावजूद कानून की पहुंच से दूर विदेश में बैठा है। भास्कर इनसाइट दुबई भागने से पहले ‘सुब्बू’ ने खपाए 1200 करोड़ रुपए इस पूरे घोटाले का अहम किरदार विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू है, जो अभी दुबई में है। सुब्बू का सफर फिल्मी पटकथा जैसा है।
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