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दुर्ग में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण को लेकर प्रशासन और दुकानदारों के बीच गतिरोध की स्थिति बन गई है। जिला प्रशासन पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं के साथ विकसित करने की तैयारी में है, जबकि दशकों से परिसर के आसपास व्यवसाय कर रहे दुकानदार अपने भविष्य और रोजगार को लेकर चिंतित हैं। मंगलवार को हुई जिला क्रीड़ांगन समिति की बैठक में स्टेडियम परिसर की दुकानों को अनुबंध शर्तों के अनुसार एक माह का नोटिस देकर खाली कराने का निर्णय लिया गया। इस फैसले के अगले ही दिन, दुकानदारों ने कलेक्टर जनदर्शन पहुंचकर पुनर्वास की मांग की और स्पष्ट किया कि वैकल्पिक व्यवस्था के बिना वे दुकानें खाली नहीं करेंगे। दुकानदारों ने बुधवार को कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन सौंपकर अपनी समस्या बताई। दुकानदार शेख रज्जाक ने कहा कि वे स्टेडियम निर्माण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन उनके परिवारों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। रज्जाक ने बताया, “हम चाहते हैं कि स्टेडियम बने, अच्छा बने और हमारे बच्चे भी वहां खेलें। लेकिन उससे पहले हमें ट्रांसपोर्ट नगर या कोई वैकल्पिक जगह दी जाए। अचानक एक महीने का समय देकर दुकानें खाली करने को कहा जाएगा तो हम कहां जाएंगे?” उन्होंने आगे बताया कि लगभग 40 वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे लोग आज अनिश्चितता में हैं। स्टेडियम परिसर में करीब 100 दुकानें संचालित हो रही हैं, जिनमें औसतन चार से पांच लोग कार्यरत हैं। इस प्रकार, लगभग 500 परिवारों की रोजी-रोटी इन दुकानों पर निर्भर है। दुकानदारों का आरोप है कि वे पिछले कई वर्षों से पुनर्वास की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। शेख रज्जाक के अनुसार, दुकानदार पांच बार जनदर्शन में आवेदन दे चुके हैं और एसडीएम, कलेक्टर, विधायक तथा मंत्रियों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा, “हर बार कहा जाता है कि उनसे मिलिए, इनसे मिलिए, लेकिन समाधान कहीं नहीं मिला। अब अखबारों के जरिए पता चल रहा है कि दुकानें तोड़ी जाएंगी। अगर बुलडोजर चल गया तो हम अपने परिवारों का पालन-पोषण कैसे करेंगे?” आवेदन में पुनर्वास की मांग दुकानदारों द्वारा कलेक्टर को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि समाचार पत्रों से जानकारी मिली है कि रविशंकर स्टेडियम का पुनर्विकास किया जाना है और इसके लिए दुकानों को खाली कराया जाएगा। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि स्टेडियम परिसर में विभिन्न प्रकार के व्यवसाय कर रहे लोग अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। यदि उन्हें बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया गया तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। दुकानदारों ने मांग की है कि दुकानें खाली कराने से पहले सभी व्यवसायियों का व्यवस्थित पुनर्वास किया जाए ताकि उनके रोजगार पर असर न पड़े। समिति की बैठक में क्या हुआ? मंगलवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और जिला क्रीड़ांगन समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर अभिजीत सिंह की मौजूदगी में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम के पुनर्विकास, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण, जर्जर भवनों के अपलेखन और खेल सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। समिति ने निर्णय लिया कि स्टेडियम परिसर में संचालित दुकानों के अनुबंधों की समीक्षा के बाद विकास कार्यों और सुरक्षा को देखते हुए दुकानदारों को अनुबंध की शर्तों के अनुसार एक माह का नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही सुरक्षा निधि का भुगतान और समायोजन नियमानुसार किया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नगर निगम आयुक्त, एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की तैयारी बैठक में बताया गया कि पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम की भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम विकसित करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए बैडमिंटन कोर्ट को छोड़कर शेष भूमि को छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के माध्यम से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को 33 वर्षों की लीज पर देने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद दुर्ग जिला प्रदेश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल हो जाएगा और स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकेंगी। जर्जर भवनों और अतिक्रमणों पर भी कार्रवाई बैठक में लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम और मानस भवन को अत्यंत जर्जर एवं अनुपयोगी घोषित किए जाने के बाद उनके अपलेखन पर सहमति बनी। इसके अलावा प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए आवश्यक भूमि को अतिक्रमण और अवरोधों से मुक्त कराने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत स्टेडियम परिसर और आसपास स्थित एसएलआरएम सेंटर, उद्यान, गुमटियों तथा अन्य अस्थायी एवं स्थायी संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
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