दुर्ग में Titan-Fastrack की नकली घड़ियों का कारोबार पकड़ाया:दुर्ग की दुकान से 275 नकली टैग, 280 घड़ियां बरामद, संचालक को गिरफ्तार कर भेजा जेल

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दुर्ग पुलिस ने इंदिरा मार्केट की एक दुकान से टाइटन और फास्ट्रैक के नाम पर बेची जा रही 280 नकली घड़ियां बरामद की है। दुकान में कंपनी के नाम वाले 275 नकली टैग भी मिले हैं। पुलिस ने दुकान संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। मामला दुर्ग कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, इंदिरा मार्केट स्थित सत कबीर वाच का संचालक कमलेश निर्मलकर पिछले कुछ समय से टाइटन और फास्ट्रैक के नाम का इस्तेमाल कर नकली घड़ियां बेच रहा था। मामले की जानकारी मिलने के बाद कंपनी की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि गौरव तिवारी ने पुलिस में शिकायत की। शिकायत के साथ मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दुकान की जांच की। बड़ी संख्या में मिली नकली घड़ियां पुलिस टीम ने 5 सितंबर की शाम करीब 6 बजे सत कबीर वाच पर दबिश दी। दुकान की जांच के दौरान टाइटन और फास्ट्रैक के नाम वाली बड़ी संख्या में घड़ियां मिलीं। कंपनी की ओर से जांच के बाद इन्हें नकली बताया गया। पुलिस ने मौके से कुल 280 नकली घड़ियां और फास्ट्रैक के 275 नकली टैग जब्त किए। इसके अलावा मामले में इस्तेमाल किया जा रहा आरोपी का मोबाइल भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है। आरोपी नकली घड़ियों को असली बताकर बेच रहा था। कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर ग्राहकों को बेच रहा था नकली सामान इस मामले में शिकायत करने वाले गौरव तिवारी दिल्ली के रहने वाले हैं और उन्हें टाइटन कंपनी की ओर से घड़ियों की असली और नकली पहचान करने तथा जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है। उन्हें मुखबिर के जरिए सत कबीर वाच में नकली घड़ियां बिकने की जानकारी मिली थी। शिकायत में बताया गया कि नकली घड़ियों की बिक्री से कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचने के साथ ही ग्राहकों के साथ भी धोखा हो रहा था। ग्राहक ब्रांडेड कंपनी के नाम पर सामान खरीदता है, लेकिन उसके बदले उसे नकली घड़ी मिलती है। 280 घड़ियां और 275 टैग मिले इस कार्रवाई में जब्त सामान की संख्या भी खास है। पुलिस ने 280 नकली घड़ियां बरामद की हैं। इनके साथ फास्ट्रैक के 275 नकली टैग भी मिले हैं। इससे पुलिस को आशंका है कि इन घड़ियों को कंपनी के असली उत्पाद जैसा दिखाकर ग्राहकों को बेचने की तैयारी थी। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल भी जब्त किया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि नकली घड़ियां कहां से लाई जाती थीं और इन्हें आगे किन लोगों को बेचा जाता था। कॉपीराइट और धोखाधड़ी की धारा में केस दर्ज जांच के बाद पुलिस ने आरोपी कमलेश निर्मलकर के खिलाफ कॉपीराइट कानून की धारा 63 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में अपराध क्रमांक 0483/2026 दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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