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ईरान युद्ध शुरू होने के बाद डामर एवं इमलशन के दाम ढाई से तीन गुने तक बढ़ गए हैं। इसका असर सड़क निर्माण के कार्यों पर भी पड़ रहा है। अंबिकापुर नगर निगम सहित पीडब्लूडी, पीएमजीएसवाई के ठेकेदारों ने डामर व इमलशन की कीमतें बढ़ने के बाद काम करने से हाथ खड़ा कर दिया है। ठेकेदार नोटिस के बाद भी काम करने को तैयार नहीं हैं। मामले में मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि समस्या का हल निकालने के लिए राज्य स्तर पर पहल की जाएगी। कोई बीच का रास्ता निकाला जाएगा। ईरान युद्ध का असर अब निर्माण कार्यों पर भी दिख रहा है। अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र सहित पीडब्लूडी एवं पीएमजीएसवाई सहित अन्य विभागों में डामरीकरण का काम ठेकेदारों ने रोक दिया है। नगर निगम क्षेत्र में 4 करोड़ रुपये से अधिक के डामरीकरण के कार्यों का टेंडर व वर्कआर्डर होने के बाद भी ठेकेदार काम शुरू करने को तैयार नहीं हैं। निगम ने इसके लिए ठेकेदारों को नोटिस भी जारी किया है। ठेकेदार बोले-तीन गुना तक बढ़े दाम, नहीं कर सकते काम
ठेकेदार संघ के दीपक मिश्रा ने कहा कि ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं हैं। युद्ध के पहले डामर 40 से 42 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा था। अब डामर की कीमतें 110 रुपये प्रतिकिलो तक बढ़ गई हैं। अर्थात पहले एक टन डामर 40 हजार रुपये का मिलता था, जो अब एक लाख 10 हजार रुपये टन हो गया है। दीपक मिश्रा ने बताया कि इमलशन के दाम भी करीब तीन गुना तक बढ़ गये हैं। ठेकेदार अब इंतजार में हैं कि डामर के दाम घटे तो काम करें। महापौर मंजूषा भगत का भी बयान आया था कि एनएच वाले अधिकारी व ठेकेदार काम नहीं करते हैं। ठेकेदारों की मजबूरी है कि डामर के रेट बढ़ गये, लेकिन एग्रीमेंट में जो रेट है वे नहीं बढ़े, इस कारण वे काम नहीं कर पा रहे हैं। मंत्री बोले-ठेकेदारों-शासन के बीच रास्ता निकालने की कोशिश
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार एवं ठेकेदारों के बीच कुछ समझौता करने की कोशिश है। केंद्र सरकार ने भी कुछ रियायत देने की पहल की है। बारिश के पहले इसमें बात बन जाने की उम्मीद है। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्य रूप से डामरीकृत सड़कों का काम ही ज्यादा प्रभावित हो रहा है। बाकि काम चल रहे हैं। निगम में अटके चार करोड़ के काम
निगम सहित अन्य विभागों के जो डामरीकरण के कार्य हैं, वे बारिश में नहीं हो सकेंगे। निगम सहित निर्माण एजेंसियों की इसे लेकर चिंता बढ़ी हुई है। नगर निगम अंबिकापुर के लोक निर्माण विभाग के प्रभारी मनीष सिंह ने बताया कि शहर में चार करोड़ रुपये से अधिक के डामरीकरण का कार्य रूका हुआ है। इनमें कई महत्वपूर्ण सड़कें भी शामिल हैं। ठेकेदारों से बात की गई है। वे डामर की बढ़ी कीमतों के कारण परेशान हैं। मनीष सिंह ने बताया कि शहर में नगर उत्थान मद से 22 करोड़ के कार्यों का टेंडर लगने वाला है। इसमें भी डामरों की बढ़ी कीमतों का प्रभाव पड़ेगा और ठेकेदार बढ़ी कीमतों के आधार पर अपना रेट डालेंगे।
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