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कोरबा जिले के जोगीपाली गाँव में ग्रामीणों ने अवैध रेत खनन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बुधवार (27 मई) सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण रेत खदान पहुंचे और वहां चल रहे जेसीबी व हाइवा वाहनों को रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने वाहनों की चाबियां तक अपने कब्जे में ले लीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले उन्होंने खनिज विभाग को ज्ञापन सौंपकर अवैध खनन रोकने और गांव में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीण खुद मौके पर पहुंच गए। जेसीबी और हाइवा के जरिए अवैध उत्खनन उनका आरोप है कि जोगीपाली की सरकारी रेत खदान में नियमों को दरकिनार कर जेसीबी और हाइवा मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। कई बार विरोध के बावजूद रेत माफिया अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं। नदी किनारे बड़े गड्ढे, हादसे का खतरा ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन के कारण नदी किनारे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है। गांव के भीतर से लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह पूरा काम ग्राम सरपंच शीलकुमारी बिंझवार की कथित मिलीभगत से किया जा रहा है। अधिकारियों के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने खनिज विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करने और अवैध उत्खनन रोकने का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ। ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि सरकारी रेत खदान का संचालन नियमों के तहत होना चाहिए और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
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