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जशपुर में पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता पर बड़ी कार्रवाई की है। डीआईजी और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने ड्यूटी में गंभीर लापरवाही करने वाले पांच आरक्षकों पर सख्त आदेश जारी किए हैं। इनमें से तीन आरक्षकों को नौकरी से हटा दिया गया है, जबकि दो अन्य पर वेतन और सेवा लाभ प्रभावित करने वाली कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार, यह आदेश 29 मई 2026 को पुलिस नियम 221(अ) के तहत जारी किया गया। जांच में पाया गया कि ये आरक्षक लंबे समय तक बिना अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित रहे और बार-बार चेतावनी मिलने के बाद भी उन्होंने अपने व्यवहार में सुधार नहीं किया। इन आरक्षकों ने छत्तीसगढ़ पुलिस नियम 64(2) और सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का लगातार उल्लंघन किया। सेवा से बर्खास्त किए गए आरक्षकों में संतोष कुमार राम (क्रमांक 737), नेल्सन तिग्गा (क्रमांक 525) और अशोक कुमार एक्का (क्रमांक 394) शामिल हैं। संतोष कुमार राम के मामले में जांच में सामने आया कि उन्होंने 13 साल की सेवा में 33 बार अलग-अलग समय पर कुल 469 दिन बिना अनुमति अनुपस्थित रहकर अनुशासनहीनता की। उन्हें कई बार इनाम भी मिले थे, लेकिन 23 बार सजा मिलने के बावजूद उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। आखिर में 2023-24 में 106 दिन तक लगातार अनुपस्थित रहने के बाद उन्हें सेवा से हटाने का निर्णय लिया गया। पुलिस विभाग में लंबे समय से अनुपस्थित रहने और लापरवाही बरतने वाले कई आरक्षकों पर सख्त कार्रवाई की गई है। आरक्षक नेल्सन तिग्गा ने 17 साल की सेवा में 28 बार बिना अनुमति के कुल 923 दिन ड्यूटी से गैरहाजिरी लगाई। इस दौरान उसे पहले भी 27 बार सजा मिल चुकी थी, लेकिन वह सुधार नहीं कर सका और जांच में भी शामिल नहीं हुआ। इसके चलते उसे सेवा से हटा दिया गया है। इसी तरह आरक्षक अशोक कुमार एक्का ने 20 साल की नौकरी में 30 बार मिलाकर 1151 दिन तक बिना अनुमति के अनुपस्थित रहकर नियमों की अनदेखी की। उसे कई बार सजा और चेतावनी दी गई, लेकिन सुधार नहीं होने पर उसे भी नौकरी से बाहर कर दिया गया। इसके अलावा दो और आरक्षकों पर भी कार्रवाई की गई है। आरक्षक इरीमियस कुजूर को अनाधिकृत अनुपस्थिति के चलते वेतन में कटौती की सजा दी गई है, जबकि आरक्षक बिंदेश्वर राम को एक साल के लिए न्यूनतम वेतनमान पर लाने का दंड दिया गया है, जिसका असर आगे की सैलरी और पेंशन पर पड़ेगा। डीआईजी ने अनुशासनहीनता पर दी कड़ी चेतावनी डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा है कि पुलिस विभाग में अनुशासन सबसे जरूरी है। कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अगर अपने काम के प्रति लापरवाही करता है या नियमों का पालन नहीं करता, तो उसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना है, इसलिए जो कर्मचारी अपने कर्तव्यों को ठीक से नहीं निभाते, उनके खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी द्वारा की गई यह कार्रवाई विभाग में अनुशासन बनाए रखने और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इससे साफ संदेश गया है कि ड्यूटी में लापरवाही करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई होती रहेगी।
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