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जशपुर में मंगलवार को “कॉफी विद कलेक्टर” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, यूनिसेफ और एग्रीकोन सर्वहितम के संयुक्त सहयोग से हुए इस कार्यक्रम में जिले के युवाओं और स्वयंसेवकों को प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिला। इसका उद्देश्य उनके करियर मार्गदर्शन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। अतिथियों का पुष्पगुच्छ और छत्तीसगढ़ी गमछा भेंट कर स्वागत किया गया। जिला समन्वयक शालिनी गुप्ता ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेश सिंह, समग्र शिक्षा विभाग से दीपा मैम और महिला एवं बाल विकास विभाग से अंजना चौहान भी मौजूद थीं। मीडिया प्रतिनिधि तरुण प्रकाश शर्मा, गायत्री परिवार से पार्वती चौहान और युवा कार्यकर्ता रवि गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, संगवारी संस्था से डीसी ज्योतिरादित्य सिंह, एडीसी विक्रम, एनसीडी से डायमंड महंत और प्रथम फाउंडेशन से सोमनाथ ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान जिले के आठों विकासखंडों से आए स्वयंसेवकों ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष करियर, शिक्षा, नेतृत्व विकास, सामाजिक कार्यों और भविष्य की चुनौतियों से जुड़े सवाल रखे। अधिकारियों ने युवाओं के प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर दिया और उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। निरंतर सीखने और मेहनत से मिलती है सफलता: कलेक्टर अपने संबोधन में कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि युवा शक्ति समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा सही दिशा में कार्य करें तो बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच अपनाने, निरंतर सीखने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की अपील की। “युवोदय ऐप” की चर्चा कार्यक्रम में “युवोदय ऐप” की भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से स्वयंसेवक अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों और गतिविधियों की जानकारी अपलोड करते हैं, जिसके आधार पर उनकी सक्रियता और योगदान का मूल्यांकन किया जाता है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित भी किया गया। जशपुर जिले से शालू गुप्ता, नेहा एक्का, रिंटा गुप्ता और दिव्या वर्तमान में शीर्ष स्थानों पर हैं, जिन्हें कार्यक्रम में विशेष सम्मान प्रदान किया गया। समाज सेवा और स्वयंसेवकों के सहयोग में सदैव सक्रिय रहने वाले ऑटो चालक रुस्तम भैया को भी कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस सम्मान के माध्यम से समाज में सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। स्वयंसेवकों से बच्चों के संरक्षण को लेकर अभियान चलाने की अपील महिला एवं बाल विकास विभाग की अंजना चौहान ने बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और अधिकारों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए स्वयंसेवकों से अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने की अपील की। वहीं जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने स्वयंसेवकों को हर संभव प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि स्वयंसेवक अपने कार्यक्रमों की पूर्व सूचना प्रशासन को देंगे तो बेहतर समन्वय और सहयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। युवाओं से सड़क सुरक्षा अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेश सिंह ने युवाओं को सड़क सुरक्षा अभियान में भागीदारी निभाने और पुलिस मितान बनकर समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन युवाओं को हर संभव मार्गदर्शन और सहयोग देने के लिए हमेशा तैयार है। कार्यक्रम को सफल बनाने में शालिनी गुप्ता, विकासखंड समन्वयक गुरुदेव प्रसाद और पंकज यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके समन्वय और अथक प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम को बताया ज्ञानवर्धक और उपयोगी पहल कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों ने इसे प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और भविष्य के लिए उपयोगी पहल बताते हुए “जय हो जशपुर” के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन किया। यह आयोजन युवाओं और प्रशासन के बीच मजबूत संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच साबित हुआ, जिसने युवाओं को समाज निर्माण में अपनी जिम्मेदारी समझने और सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
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