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जशपुर पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को ‘पुलिस मितान’ योजना की शुरुआत की। पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों से करीब 2500 स्वयंसेवकों को ‘पुलिस मितान’ के रूप में जोड़ा गया है। चरित्र सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित स्वयंसेवकों को पहचान पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, पत्रकार, गणमान्य नागरिक और पुलिस मितान मौजूद रहे। गांव-गांव जाकर करेंगे जनजागरूकता पुलिस मितानों को सड़क सुरक्षा, दुर्घटना के दौरान प्राथमिक उपचार, यातायात नियम, जनसहायता और सामाजिक दायित्वों से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ये स्वयंसेवक गांव-गांव जाकर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। इसके साथ ही नशाखोरी, टोनही प्रताड़ना, मानव तस्करी और अन्य सामाजिक अपराधों के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा। पुलिस का मानना है कि यह पहल आम जनता और पुलिस के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में मदद करेगी। “सुरक्षित जशपुर, समृद्ध जशपुर” मिशन को मिलेगा बल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि, “आज से आप सभी पुलिस परिवार का हिस्सा हैं। हम सब मिलकर सुरक्षित जशपुर और समृद्ध जशपुर के मिशन को आगे बढ़ाएंगे।” उन्होंने कहा कि पुलिस मितान केवल एक नाम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनसहभागिता का मजबूत माध्यम है। समाज की सक्रिय भागीदारी से ही अपराध नियंत्रण और सामाजिक सुधार संभव हो पाएगा। पुलिस और जनता के बीच बढ़ेगा विश्वास जशपुर पुलिस के अनुसार, इस योजना से स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं की जानकारी पुलिस तक तेजी से पहुंचेगी। इससे सामाजिक अपराधों की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी। योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, सामाजिक कुरीतियों को दूर करना और सुरक्षित समाज का निर्माण करना है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी चंद्रशेखर परमा और डीएसपी ट्रैफिक कुंजराम चौहान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी पुलिस मितानों ने समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
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