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कोरबा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को फल दुकानों पर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान सड़े-गले और रसायन से पकाए गए फल मिलने पर 10 किलो आम और 4 दर्जन केले मौके पर ही नष्ट कर दिए गए। यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा दीपक अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। विभाग की टीम ने राजा फ्रूट सेंटर, राजेश फ्रूट सेंटर, शारदा फ्रूट सेंटर और सर्वमंगला फ्रूट सेंटर सहित कुल 11 संस्थानों की जांच की। कई दुकानों में फलों को पकाने के लिए प्रतिबंधित कार्बाइड के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने फलों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। फलों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यह विशेष अभियान 27 मई से 29 मई 2026 तक पूरे छत्तीसगढ़ में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को गुणवत्तापूर्ण फलों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। गर्मी के मौसम में आम, केला और तरबूज जैसे फलों की मांग बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाकर कुछ व्यापारी फलों को रसायन से पकाकर बेचते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। रसायन से पके फल बेचने वालों को सख्त चेतावनी कार्रवाई के दौरान दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई कि वे केवल प्राकृतिक तरीके से पके फल ही बेचें। उन्हें फलों पर रंग या वैक्स का इस्तेमाल न करने और कोल्ड स्टोरेज व दुकानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। बिना लाइसेंस के कारोबार करने वाले विक्रेताओं को नोटिस भी जारी किए गए हैं। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि फल खरीदते समय सावधानी बरतें। अस्वाभाविक रूप से चमकदार, एक जैसे रंग वाले या संदिग्ध फल न खरीदें। किसी भी दुकान पर गड़बड़ी दिखने पर टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, सैंपलिंग असिस्टेंट और नगर निगम का अमला शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि अभियान अगले दो दिनों तक शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की मंडियों और थोक बाजारों में भी जारी रहेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी दुकानदारों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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