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छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में जल संकट की समस्या बनी हुई है। इसके बाद भी अवैध तरीके से बोर खनन किया जा रहा है। 27 अप्रैल की रात ग्राम मोंगला टोला में बोर खनन किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह एक दिन की घटना नहीं है, बल्कि कई दिनों से रात के अंधेरे में लगातार यह काम किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी कई बार अवैध खनन की सूचना दी गई है, लेकिन प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होती है। वैध बोरिंग की अनुमति लेने में महीनों लग जाते हैं, जबकि अवैध काम करने वालों को कोई बाधा नहीं आती। सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के बाद भी आम किसान को राहत नहीं मिलती। ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग उठाई गई है। लगातार शिकायत, मौके पर गतिविधि दिखने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे भूजल स्तर तेजी से गिर सकता है। बोरिंग की दर, वसूली का आरोप स्थानीय बोर एजेंटों के अनुसार पत्थरीली जमीन में बोर की दर करीब 140 रुपए प्रति फीट, सामान्य मिट्टी में 100 रुपए प्रति फीट तय है। आरोप है कि कथित रूप से 10 हजार रुपए अधिकारियों के नाम पर अलग से लिए जाते हैं, ताकि काम बिना रोक-टोक चलता रहे। अधिकारियों ने किया कॉल रिसीव इस मामले की कलेक्टर, साजा एसडीएम, तहसीलदार को कई बार कॉल कर सूचना देने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। बाद में तहसीलदार का मोबाइल स्विच ऑफ मिला।
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