अवकाशकालीन न्यायाधीश सुबह 10:30 बजे से डिवीजन बेंच कोर्ट लगाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर कोर्ट के समय के बाद भी सुनवाई जारी रख सकते हैं। …और पढ़ें

HighLights
- जारी आदेश के तहत 18 मई से 12 जून तक यहां अवकाश रहेगा।
- 15 जून सोमवार से हाई कोर्ट में नियमित कामकाज प्रारंभ होगा।
- दीवानी, आपराधिक, रिट याचिका संबंधी मामले दर्ज किए जाएंगे।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने नोटिफिकेशन जारी कर ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की है। जारी आदेश के तहत 18 मई से 12 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। 15 जून सोमवार से हाई कोर्ट में नियमित कामकाज प्रारंभ होगा।
अवकाशकालीन न्यायाधीशों की बैठक और तत्काल मामलों तथा पुराने मामलों को दाखिल करने और सूचीबद्ध करने के संबंध में इस तरह आदेश जारी किया है। गर्मी की छुट्टियों के दौरान सभी दीवानी, आपराधिक, रिट याचिका संबंधी मामले दर्ज किए जाएंगे।
किसी भी आपात स्थिति में अवकाशकालीन न्यायाधीश, मुख्य न्यायाधीश की स्वीकृति प्राप्त करने के बाद किसी अन्य न्यायाधीश के साथ अपनी कार्यभार का आदान-प्रदान कर सकते हैं।
अवकाशकालीन न्यायाधीश सुबह 10:30 बजे से डिवीजन बेंच कोर्ट लगाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर कोर्ट के समय के बाद भी सुनवाई जारी रख सकते हैं।
यदि समय अनुमति देता है तो अवकाशकालीन न्यायाधीश खंडपीठ के मामलों के समापन के बाद एकल पीठ न्यायालय का संचालन करेंगे। गर्मियों की छुट्टियों के दौरान रजिस्ट्री शनिवार, रविवार और छुट्टियों को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक खुली रहेगी।
गर्मी की छुट्टियों के दौरान इन मामलों की सूची बनाई जाएगी
- सभी नए रिट, सिविल, आपराधिक मामलों की सुनवाई ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान तत्काल सुनवाई के लिए आवेदन के साथ की जानी चाहिए।
- नए और लंबित जमानत आवेदनों के लिए तत्काल सुनवाई के लिए आवेदन की आवश्यकता नहीं है।
- ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान सुनवाई के लिए आवेदन भी आवश्यक नहीं है।
- इन मामलों की सुनवाई ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान ही सूचीबद्ध की जाएगी।
- जमानत आवेदनों के अलावा अन्य लंबित मामलों की सूची के लिए तत्काल सुनवाई आवेदन और ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान सुनवाई के लिए आवेदन की आवश्यकता होती है।
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