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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में एक जमीन का दूसरी बार सौदा कर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जिसमें एक महिला को भू-स्वामी व उसके साथी ने मिलकर 25 लाख 14 हजार 322 रुपये की ठगी की है। जब इसकी जानकारी पटवारी के माध्यम से पीड़िता को लगी, तो उसने मामले की सूचना थाना में दी। जहां पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम नावापारा में रहने वाली अंजनी नायक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत देते हुए बताया था कि वह खरसिया और उसके आसपास जमीन खरीदना चाहती थी। अंजनी नायक को ग्राम सूती के लक्ष्मण प्रसाद पटेल ने बताया कि ग्राम छोटे देवगांव में पटवारी हल्का नंबर 40 में भूमि स्वामी नूतन पटैल के नाम पर जमीन है। जिसे वह बेचना चाहता है। इसके बाद लक्ष्मण ने अंजनी नायक व उसके पति प्रदीप कुमार को नूतन पटैल से मिलवाते हुए जमीन को दिखाया। नूतन ने उन्हें ऋण पुस्तिका दिखाते हुए बताया कि उसके नाम से ग्राम छोटे देवंगांव में खसरा नंबर 110ध्04 में 0.060 हेक्टेयर, खसरा नंबर 112ध्05 में 0.550 हेक्टेयर, खसरा नंबर 115ध्05 में 0.506 हेक्टेयर एवं खसरा नंबर 111ध्08 में 0.087 हेक्टेयर भूमि है, जिसे वह बेचना चाहता है। भू-स्वामी नूतन पटैल ने 4 दिसंबर 2024 को अंजनी नायक से उस भूमि का सौदा कर बतौर एडवांस 22 लाख 50 हजार रुपये लिया। वहीं इकरारनामा तैयार करवाते हुए भूमि कि रजिस्ट्री फसल कटाई के बाद मार्च के अंत तक कराना तय किया गया था। पीड़िता से 25 लाख से अधिक रुपये लिए अक्टूबर 2025 तक उसने रजिस्ट्री नहीं करवाई। अंजनी नायक के बार-बार रजिस्ट्री करवाने के लिए कहने पर नूतन पटैल ने 23 अक्टूबर 2025 को एक और नया इकरारनामा तैयार करवाया। जिसमें उसने भूमि बैंक में बंधक हैं केसीसी के कारण कहकर बंधक हटाने के लिए अंजनी नायक से फिर से 2 लाख 34 हजार रुपये लिए। जिसे अंजनी ने उसके खाते में ट्रांसफर किया था। इस प्रकार नूतन पटैल ने अंजनी नायक से कुल 25 लाख 14 हजार 322 रुपये ले लिया था। साथ ही ऋण पुस्तिका को भी उसे दे दिया था।
फसल कटाई के बाद भी नहीं कराई रजिस्ट्री
फसल कटाई कर लेने व केसीसी का भुगतान भी कर देने के बाद भी नूतन द्वारा रजिस्ट्री नहीं कराई गई और टाल मटोल करता रहा। इसी बीच अंजनी नायक को छोटे देवगांव के पटवारी से जानकारी मिली कि नूतन पटैल के नाम पर दर्ज उस भूमि में से खसरा नंबर 112/05 में 0.550 हेक्टेयर व खसरा नंबर 111/08 में 0.087 हेक्टेयर भूमि को 5 अक्टूबर 2020 को बिक्री नकल बनवा कर बेच दिया है, जिसकी रजिस्ट्री भी हो चुकी है।
पहले बेचे गए जमीन पर कोई स्वामित्व अधिकारी नहीं
उसने बताया कि इस रजिस्ट्री में लक्ष्मण पटेल ही गवाह है। ऐसे में इन दोनों खसरा नंबर की जमीन पर अब उसका कोई स्वामित्व अधिकार नहीं है। इसके बाद भी उन्होंने आपसी मिलीभगत से षड्यंत्र पूर्वक अंजनी नायक से सौदा कर 25 लाख 14 हजार 322 रुपये प्राप्त कर लिया गया है। वहीं एसपी कार्यालय से शिकायत पत्र को जांच कर आगे की कार्रवाई के लिए खरसिया थाना भेजा गया।
पुलिस ने जांच कर आरोपी को गिरफ्तार किया
जहां पुलिस ने जांच शुरू की और अंजनी नायक, अन्य गवाहो, नूतन पटैल, लक्ष्मण पटेल को पूछताछ कर कथन लिया गया। इसके बाद प्रस्तुत दस्तावेज का अवलोकन करने पर जानकारी हुई कि नूतन पटैल द्वारा उस भूमि को वर्ष 2020 में अवधराम पटेल को बिक्री कर रजिस्ट्री किया गया था। उक्त भूमि को फिर से बिक्री करने के लिए अंजनी नायक से सौदाकर एडवांस रकम चेक, नगद व फोन पे से 25 लाख से अधिक राशि ले ली। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध कायम कर उन्हें गिरफ्तार किया है।
दस्तावेजों की पूरी जांच कर जमीन खरीदे
अधिवक्ता महेन्द्र यादव ने बताया कि अगर कोई अपनी जमीन रजिस्ट्री के माध्यम से बेचा है तो उसका नाम ट्रांसफर होना चाहिए। क्योंकि अगर जमीन बेचने के बाद भी नाम ट्रांसफर नहीं हुआ है तो उस व्यक्ति का ही नाम चल रहा है और वह दोबारा उसे बेच देगा। इसलिए नामतंरण की प्रक्रिया जरूरी है। जब भी ऐसी कोई परिस्थिति होता है तो रजिस्ट्री कार्यालय से राजस्व अभिलेखो से संबंधित पटवारी से संपर्क कर उसके संबंध में पूरी जांच पड़ताल कर जमीन लेना चाहिए।
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