राज्य सरकार ने रियल एस्टेट कारोबार को रफ्तार देने और आम जनता को बड़ी राहत पहुंचाने अब अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर पूरी तरह …और पढ़ें

HighLights
- महिलाओं के लिए सरकार का बड़ा तोहफा
- रजिस्ट्री कराने पर अब लगेगा मात्र 2% शुल्क
- सरकार ने उपकर हटाने की सूचना की जारी
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राज्य सरकार ने रियल एस्टेट कारोबार को रफ्तार देने और आम जनता को बड़ी राहत पहुंचाने अब अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर (सेस) पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इसकी आधिकारिक अधिसूचना सोमवार को जारी होगी और मंगलवार 28 अप्रैल से यह प्रभावी हो जाएगा।
प्रॉपर्टी खरीदारों की जेब पर बोझ होगा कम
सरकार के इस फैसले से प्रॉपर्टी खरीदारों की जेब पर बोझ कम होगा। गणना के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति एक करोड़ रुपये की रजिस्ट्री कराता है, तो उसे अब लगभग 60 हजार रुपये का सीधा लाभ मिलेगा। मार्च 2026 में विधानसभा से पारित इस विधेयक पर राज्यपाल की मुहर लगने के बाद अब साफ्टवेयर को अपडेट किया जा रहा है, ताकि मंगलवार से होने वाली रजिस्ट्रियों में यह लाभ मिलना शुरू हो जाए।
रजिस्ट्रेशन फीस होगा आधा
सेस खत्म करने के साथ ही सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पंजीयन शुल्क (रजिस्ट्रेशन फीस) को आधा करने जा रही है। महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क चार प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने का विधेयक भी मंजूर हो चुका है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, भाषा सुधार की प्रक्रिया के बाद अगले सात दिनों के भीतर इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी।
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वाणिज्य कर मंत्री ओपी चौधरी का कहना है कि सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रह नहीं, बल्कि मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदने की प्रक्रिया को सरल और सस्ता बनाना है। माना जा रहा है कि इन कटौतियों से प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर में उछाल आएगा।
एक नजर में नई दरें
- पुरुषों के लिए: स्टांप ड्यूटी 6.6 प्रतिशत और पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत।
- महिलाओं के लिए: स्टांप ड्यूटी 5.48 प्रतिशत और पंजीयन शुल्क मात्र 2 प्रतिशत।
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