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छत्तीसगढ़ की खदान कौड़ियों के भाव बेच रही बीजेपी…VIDEO:हसदेव-अरण्य में तारा कोल ब्लॉक की नीलामी, सांसद जयराम रमेश-पूर्व MLA विकास उपाध्याय ने सरकार को घेरा




छत्तीसगढ़ के हसदेव-अरण्य में तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर हसदेव के जंगल और खनिज संसाधन निजी कंपनियों को सौंपने का आरोप लगाया है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश और रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने नीलामी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- ‘छत्तीसगढ़ की खदान कौड़ियों के भाव बेची जा रही हैं।’ कांग्रेस नेता ने वीडियो जारी कर सरकार से इस फैसले पर जवाब मांगा है। तारा कोल ब्लॉक की नीलामी में सीजी सिन-गैस एंड केमिकल्स लिमिटेड विजेता बनी है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, यह कंपनी मुंद्रा सिनर्जी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। वहीं मुंद्रा सिनर्जी लिमिटेड, अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है।
विधानसभा ने नई खदानों के खिलाफ पारित किया था प्रस्ताव कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 26 जुलाई 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सर्वसम्मति से हसदेव-अरण्य में किसी नए कोल ब्लॉक के आवंटन या नीलामी पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद 16 जुलाई 2023 को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा था कि हसदेव-अरण्य में किसी नई खदान के आवंटन या विकास की जरूरत नहीं है। कांग्रेस का दावा है कि 19 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तारा समेत 40 कोल ब्लॉक्स को नीलामी प्रक्रिया से डीनोटिफाई कर दिया था। इसके बावजूद अब तारा ब्लॉक की दोबारा नीलामी की गई है। इसका नाम बदलकर तारा (रिवाइज्ड) किया गया है। अब पढ़े पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने क्या कहा कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बीजेपी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा, कि लगातार छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों को बेचने का काम बीजेपी पार्टी कर रही है। फिर से 9 ब्लॉको का आवंटन कर दिया गया और टेंडर प्रक्रिया चालू कर दी गई। बीजेपी सरकार को छत्तीसगढ़ के लोगों से कोई लेना देना नहीं है। कौड़ियों के दाम पर जमीन को बेचा जा रहा है। कांग्रेस पार्टी पूर्व में भी विरोध किया। स्थानीय आदिवासी लगातार विरोध कर रहे है। इसके बाद भी कीमती खदानों को भारतीय जनता पार्टी को चंदा देने वालों को मामूली कीमत में दिया जा रहा है। 5 हजार एकड़ में ब्लॉक, 4 हजार एकड़ से ज्यादा जंगल तारा कोल ब्लॉक करीब 5 हजार एकड़ क्षेत्र में फैला है। इसमें 4 हजार एकड़ से ज्यादा घना जंगल होने का दावा किया गया है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक खनन शुरू होने पर 10 लाख से ज्यादा पेड़ों की कटाई का खतरा है। उनका कहना है कि इसका असर जंगल पर निर्भर आदिवासी समुदाय और उनकी रोजमर्रा की आजीविका पर पड़ेगा। लेमरू एलीफेंट रिजर्व के आसपास खनन पर सवाल कांग्रेस ने लेमरू एलीफेंट रिजर्व के आसपास खनन को लेकर भी चिंता जताई है। नेताओं का कहना है कि इससे हाथियों की आवाजाही का रास्ता प्रभावित हो सकता है। साथ ही दूसरी वन्य प्रजातियों के सामने भी खतरा बढ़ सकता है। हसदेव के जंगलों को बचाने के लिए स्थानीय आदिवासी समुदाय करीब 15 वर्षों से ग्राम सभा प्रस्ताव, धरना, जन अभियान और विरोध मार्च के जरिए आवाज उठाता रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्राकृतिक जंगल काटकर कहीं और पौधे लगाने से पुराने जंगल की जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र की भरपाई नहीं की जा सकती।



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