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राजनांदगांव के छुरिया विकासखंड का ग्राम घुपसाल जल संरक्षण, सामुदायिक एकजुटता और कृषि नवाचार का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है। शनिवार को कलेक्टर जितेंद्र यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव और सीईओ जिला पंचायत सुरुचि सिंह के साथ गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे ‘नाला बोरी बंधान’ कार्य का अवलोकन किया। साथ ही, फसल चक्र परिवर्तन (धान के स्थान पर मक्का व दलहन) के सकारात्मक परिणामों का भी जायजा लिया। कलेक्टर ने स्वयं नाला बोरी बंधान कार्य में श्रमदान कर रहे ग्रामीणों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्षा जल के अधिकतम संचयन के लिए सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। ग्रामीणों ने बताया कि 3 किलोमीटर लंबे नाले पर बोरी बंधान कर पानी रोका जा रहा है, जिससे निस्तारी कार्यों में सुविधा होगी और भू-जल स्तर बढ़ेगा। ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर ने नाले पर पचरी निर्माण के लिए अधिकारियों को तत्काल तकनीकी स्वीकृति (TS) तैयार करने के निर्देश दिए। रबी सीजन में धान की जगह अब मक्का और दलहन की खेती ग्राम घुपसाल की एक प्रमुख उपलब्धि फसल चक्र में बदलाव है। जल संकट को देखते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक निर्णय लिया और रबी सीजन में धान (अधिक पानी वाली फसल) के स्थान पर मक्का, दलहन और तिलहन की खेती शुरू की। लगभग 350 एकड़ भूमि पर यह बदलाव किया गया है, जिसमें 300 एकड़ में मक्का और 50 एकड़ में दलहन-तिलहन की खेती शामिल है। इस पहल के परिणामस्वरूप, पिछले चार वर्षों से फागुन माह तक सूख जाने वाले तालाबों में इस वर्ष पर्याप्त पानी ठहरा हुआ है। हैंडपंपों का जल स्तर भी सुधरा है और मवेशियों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ी है। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने इस सफल नवाचार के लिए किसानों और स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि जहां एक परिवार में निर्णय लेना कठिन होता है, वहां पूरे गांव का एकमत होकर फसल बदलना सामाजिक एकता की जीत है। कलेक्टर ने कहा, यह मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। जिला प्रशासन अब कंपनियों के साथ अनुबंध कर किसानों की फसलों (मक्का) की बेहतर खरीदी व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटा है। ग्रामीणों की मांग पर पचरी, बोर और सड़क निर्माण को मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के लाभों की दी जानकारी कलेक्टर ने ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत लोगों को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित किया और इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल के अधिक उपयोग से दूर रखें और उन्हें अच्छे संस्कारों के साथ शिक्षा दें। इस मौके पर पद्मश्री फूलबासन यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पानी का कोई विकल्प नहीं है और घुपसाल गांव ने दिखा दिया है कि सामूहिक प्रयास से बड़े बदलाव संभव हैं। कार्यक्रम में सीईओ छुरिया होरीलाल साहू, सरपंच नरेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
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