भास्कर न्यूज | कवर्धा अगस्त 2024 में हुए जिले के चर्चित ग्वालिन बाई हत्याकांड में अपर सत्र न्यायालय ने पति और उसके प्रेमी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्या, अपहरण और साक्ष्य छिपाने के मामले में आरोपी लुकेश साहू और राजाराम साहू पर अर्थदंड भी लगाया है। मामला थाना सहसपुर लोहारा के अपराध क्रमांक 234/2024 से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार मृतका ग्वालिन बाई साहू (28 वर्ष) ग्राम कल्याणपुर की रहने वाली थी। उसकी शादी ग्राम चिमागोदी निवासी लुकेश साहू से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। वैवाहिक विवाद के चलते लुकेश पत्नी से अलग हो गया था। ग्वालिन बाई बच्चों के साथ मायके में रह रही थी और भरण-पोषण के लिए कोर्ट में मामला चल रहा था। इसी दौरान ग्वालिन बाई का संबंध राजाराम साहू से हो गया। दोनों कवर्धा में किराए के मकान में रहने लगे। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला आरोपियों पर दबाव बना रही थी। इससे परेशान होकर लुकेश और राजाराम ने उसकी हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने दृश्यम फिल्म देखकर ऐसा प्लान बनाया कि शव पुलिस को न मिले। राजाराम ने फिल्म चार बार और लुकेश ने एक बार देखी थी। 23 दिन बाद मिला था शव 19 जुलाई 2024 को राजाराम ग्वालिन बाई को स्कूटी से घानीखुंटा घाट के जंगल में ले गया। पीछे से लुकेश भी वहां पहुंचा। दोनों ने मिलकर साड़ी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को घाट से करीब 100 फीट नीचे खाई में ले जाकर गड्ढा खोदकर दफनाए थे। मृतका की स्कूटी और मोबाइल कर्रा नाला बैराज में फेंक दिए, जबकि गहनों को दूसरी जगह दबा दिए थे। वहीं 23 दिन बाद मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने रस्सी के सहारे खाई में उतरकर शव बरामद किया था। स्कूटी, मोबाइल, गहने और हत्या में उपयोग गैंती-फावड़ा भी जब्त किए गए।
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