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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। कुपोषण से लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले इन केंद्रों में बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। भीषण गर्मी में छोटे बच्चों का यहां बैठना और केंद्रों का संचालन करना मुश्किल हो गया है। जिले के टीड़ी और जल्दापारा आंगनबाड़ी केंद्रों की तस्वीरें जमीनी हकीकत बयान कर रही हैं। जल्दापारा में शौचालय का ढांचा बना है, लेकिन अब तक अधूरा पड़ा है। केंद्र में पानी की व्यवस्था नहीं है।सहायिका को दूर से बाल्टी में पानी लाकर काम चलाना पड़ रहा है। बच्चों पर पड़ रहा असर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से ही काम कर पा रही हैं। सुविधाओं की कमी के कारण बच्चों को सही माहौल नहीं मिल रहा है। इसका असर बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल पर पड़ सकता है। विभाग के दावों पर सवाल एक तरफ विभाग व्यवस्थाएं ठीक होने का दावा कर रहा है, दूसरी ओर जमीनी हालात कुछ और ही कहानी बता रहे हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इन समस्याओं की जानकारी नहीं है, या फिर केंद्रों का नियमित निरीक्षण ही नहीं किया जा रहा। सुधार की जरूरत स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों के भविष्य से जुड़े इन केंद्रों में जल्द से जल्द बिजली, पानी, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
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