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दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह गोवा, रायपुर, दुर्ग और अन्य राज्यों से मिलकर संगठित तरीके से काम कर रहा था। खास बात यह है कि पूरा नेटवर्क ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, फर्जी सिम और म्यूल बैंक खातों के जरिए संचालित किया जा रहा था। एएसपी सुखनंदन राठौर के अनुसार आरोपी आईपीएल मैचों के दौरान सट्टा लगवाते थे और हर दिन लाखों रुपए का लेनदेन करते थे। शुरुआती जांच में ही रोजाना करीब 10 से 15 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली है, जबकि महीने में यह आंकड़ा 4 से 5 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता था। भिलाई के आरोपियों से जुड़ी चेन
इस कार्रवाई की शुरुआत पहले पकड़े गए आरोपियों से हुई। पुलिस ने भिलाई के अमन अली और हुसैन अली को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने गिरोह के बाकी सदस्यों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम गोवा पहुंची और वहां से अन्य मुख्य आरोपियों को पकड़ा गया। जानिए किसकी क्या थी भूमिका
पुलिस ने बताया कि राहुल रंगवानी, जो रायपुर का रहने वाला है, इस गिरोह का मुख्य संचालक था। वह गोवा में बैठकर “क्रिक प्लस गेमिंग” नाम के एप के जरिए ऑनलाइन सट्टा चलाता था। वहीं राहुल यादव उर्फ राजू यादव भी गोवा में रहकर इस नेटवर्क को संभालने का काम करता था। गिरोह में हर सदस्य की अलग जिम्मेदारी थी। संदीप कापसे का काम लोगों से संपर्क बनाना और नेटवर्क को जोड़कर रखना था। वहीं अमन अली और हुसैन अली म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल सट्टे के पैसे को इधर-उधर करने में किया जाता था। इंटरनेट कॉलिंग से होती थी डील
पूरे मामले में तकनीकी और बैंकिंग जानकारी के आधार पर पुलिस ने गिरोह की परतें खोलीं। जांच में पता चला कि आरोपी व्हाट्सएप कॉल, इंस्टाग्राम कॉल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से एक-दूसरे से संपर्क में रहते थे। फर्जी सिम कार्ड और अलग-अलग खातों का इस्तेमाल कर वे अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करते थे। पुलिस ने 45 बैंक पासबुक और 76 एटीएम कार्ड किया जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सामान भी जब्त किया है। इसमें 3 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 45 बैंक पासबुक, 76 एटीएम कार्ड, 10 चेक बुक, 1 वाई-फाई राउटर, 5 सिम कार्ड, 2 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड और 2 लाख 70 हजार रुपए नकद शामिल हैं। एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि पुलिस का कहना है कि इन सभी चीजों का इस्तेमाल सट्टा संचालन में किया जा रहा था।
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