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कर्मचारी भवन, शहीद भगत सिंह चौक में छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संविदा कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण, समान वेतन, वेतन वृद्धि और भर्ती में प्राथमिकता जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुर्योधन यादव के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश, संभाग और जिला स्तर के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण और भर्ती में प्राथमिकता पर चर्चा बैठक में संविदा शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, सीधी भर्ती में प्राथमिकता, नियमितीकरण एवं समायोजन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही आगामी आंदोलन की रूपरेखा और तिथि निर्धारण पर भी विचार-विमर्श हुआ। मांगें नहीं मानी तो चरणबद्ध आंदोलन संघ ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि शासन स्तर पर मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो जल्द ही चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी तिथि जल्द घोषित करने की बात कही गई है। 5 साल में नहीं बढ़ा वेतन, भविष्य असुरक्षित संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वे पिछले 5 वर्षों से शिक्षा विभाग के अंतर्गत सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक वेतन में 1% की भी वृद्धि नहीं हुई है। साथ ही भविष्य की सुरक्षा को लेकर भी कोई स्पष्ट नीति नहीं है। ये हैं 12 प्रमुख मांगें संघ ने सरकार के सामने 12 सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से— संगठन ने एकजुटता पर दिया जोर संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। संगठन की मजबूती ही उनकी मांगों को पूरा कराने में अहम भूमिका निभाएगी। बैठक में कमल वर्मा (प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन) विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने संघ की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए पूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन देने का भरोसा दिलाया। अतिथियों का आभार व्यक्त बैठक के अंत में संघ की ओर से कमल वर्मा, चंद्रशेखर तिवारी, पंकज पांडे, पीताम्बर पटेल, उमेश मुदलियार सहित अन्य पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया गया।
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