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बिलासपुर जिले की गतौरा एवं एरमशाही सहकारी समितियों में धान खरीदी के दौरान अनियमितताएं सामने आई हैं। खाद्य विभाग ने इन मामलों में समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि लेखा मिलान में धान की कमी पाए जाने पर संबंधित समितियों से वसूली की जाएगी। खाद्य विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की जा रही है और अब तक किसी प्रकार के बड़े फर्जीवाड़े की पुष्टि नहीं हुई है। विभाग ने कहा कि जांच जारी है और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। धान खरीदी और उठाव के बीच 215 क्विंटल का अंतर जिला खाद्य कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में बिलासपुर जिले में कुल 676325 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया था। इसमें से 676110 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। धान खरीदी और उठाव के बीच वर्तमान में केवल 215 क्विंटल का अंतर है। प्रशासन ने उन खबरों को भ्रामक बताया है, जिनमें 2100 क्विंटल धान का उठाव लंबित होने की बात कही गई थी। वास्तविकता में लगभग 215 क्विंटल धान का उठाव ही शेष है। कमी पाए जाने पर संबंधित समिति से राशि वसूली की जाएगी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि लेखा-मिलान के दौरान यदि किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, तो नियमानुसार संबंधित समिति की कमीशन राशि से उसकी वसूली की जाएगी, जिससे शासन को कोई आर्थिक हानि नहीं होगी। खाद्य प्रशासन ने दोहराया कि पूरे जिले में धान खरीदी एवं उठाव कार्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से संचालित किया गया है और फर्जीवाड़े की कोई स्थिति नहीं है।
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