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कोरबा जिले के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार शाम करीब 7 बजे मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली के साथ भारी बारिश हुई। लगभग एक घंटे तक तेज हवाएं चलने के बाद हल्की बारिश जारी रही। इस बारिश से भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज बारिश और आंधी के कारण मुख्य सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ। नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ गया, जिससे कई स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क किनारे लगे कई छोटे-बड़े पेड़ गिर गए आंधी-तूफान और बारिश के साथ ही जिले के कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। तेज हवाओं के कारण सड़क किनारे लगे कई छोटे-बड़े पेड़ गिर गए। विभिन्न स्थानों पर होर्डिंग्स और फ्लेक्स उड़कर सड़कों पर आ गिरे, जिससे यातायात बाधित हुआ। बिजली के तार टूटने की भी खबरें सामने आई हैं। कोरबा शहर के अतिरिक्त उपनगरीय क्षेत्रों जैसे दीपका, गेवरा, कुसमुंडा, दर्री और बालको में भी आंधी-तूफान और बारिश का प्रभाव देखा गया। खदान क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को अपना काम रोकना पड़ा। ठेले, गुमटी और दुकानदारों को भी आंधी-तूफान से हुई परेशानी शाम के समय लगने वाले ठेले, गुमटी और दुकानदारों को भी आंधी-तूफान से परेशानी हुई। तेज हवाओं के कारण कई दुकानों का सामान बिखर गया, और तिरपाल व शेड उड़ गए। छोटे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा, जबकि सड़क किनारे फल-सब्जी बेचने वालों को अपना सामान समेटकर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा। तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। मंगलवार शाम हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने पहले ही आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया था। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
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