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कोरबा के निहारिका स्थित डॉ. हरीश नायक के चाइल्ड केयर सेंटर में रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया। अस्पताल के ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम से जुड़े एक सिलेंडर में लीकेज के बाद आग लग गई थी। अस्पताल कर्मियों की सूझबूझ से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। घटना रविवार दोपहर की है, जब अस्पताल परिसर में अचानक ऑक्सीजन सप्लाई ज्वाइंट सिस्टम में लीकेज हुआ और आग लग गई। जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहीं से नवजात और गंभीर बच्चों को जीवन रक्षक ऑक्सीजन दी जाती है। आग लगने के बाद अस्पताल में भर्ती बच्चों के परिजनों और स्टाफ में हड़कंप मच गया। कोई हुई जनहानि नहीं आग लगते ही अस्पताल कर्मियों ने तुरंत फायर सेफ्टी के प्राथमिक उपाय किए। मौजूद लोगों की मदद से आग को फैलने से रोका गया और कुछ ही मिनटों में उस पर काबू पा लिया गया। इस त्वरित कार्रवाई के कारण अस्पताल में भर्ती किसी भी बच्चे या स्टाफ को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। जिस कमरे में ऑक्सीजन सप्लाई हो रही थी, वहां लगभग 14 से 16 छोटे बच्चे भर्ती थे। आग की घटना से उनके परिजन चिंतित हो गए थे। फायर सेफ्टी उपकरणों से बुझाई गई आग अस्पताल प्रबंधन की ओर से डॉ. मानस नायक ने बताया कि स्टाफ ने तत्काल फायर सेफ्टी उपकरणों का उपयोग कर आग पर काबू पा लिया। उन्होंने पुष्टि की कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है और सभी बच्चे सुरक्षित हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी एस.एन. केसरी ने इस संबंध में कहा कि नर्सिंग एक्ट के तहत अस्पतालों को फायर सेफ्टी नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने प्रबंधन को समय-समय पर उपकरणों की जांच करने और ऐसी घटनाओं पर समय रहते काबू पाने के लिए ध्यान देने की सलाह दी।
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