![]()
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में शुक्रवार देर रात बेमौसम बारिश और तेज आंधी-तूफान से भारी तबाही हुई। चिपावंड ग्राम सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां कई मकानों के टीन-शेड उड़ गए और पेड़ व बिजली के खंभे धराशायी हो गए। जानकारी के अनुसार, रात करीब 12 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने लोगों को संभलने का मौका नहीं दिया। इस दौरान दर्जनों घरों को नुकसान पहुंचा और कई विशाल पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन भी बाधित हुआ। तेज आंधी से गिरे बिजली के खंभे तेज आंधी की चपेट में आने से बिजली के खंभे और तार बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हो गए। इसके परिणामस्वरूप, कई गांवों और कस्बों में पूरी रात बिजली आपूर्ति ठप रही। अंधेरे में रात गुजारने के साथ-साथ मोबाइल चार्जिंग, पेयजल आपूर्ति और अन्य दैनिक जरूरतों पर भी इसका असर पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि रात भर पेड़ों के गिरने और बिजली कड़कने की आवाजों से लोग भयभीत रहे। सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले, तो कई मकानों के शेड उड़े हुए और आसपास पेड़ व बिजली के पोल गिरे हुए मिले। घटना के बाद प्रशासन ने सुबह से ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त पोल और तारों की मरम्मत में जुटी हुई हैं, जबकि राजस्व विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है। शासन राहत कार्य में जुटा तहसीलदार मनोज रावटे ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को नुकसान हुआ है, उनका आंकलन किया जा रहा है और नियमानुसार मुआवजा देने के लिए प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं।
<
