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राजधानी के रायपुर रेलवे स्टेशन पर अनारक्षित टिकट काउंटर शिफ्ट होने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। टिकट लेने के लिए उन्हें पहले दूसरी बिल्डिंग तक जाना पड़ रहा है, फिर प्लेटफॉर्म तक लौटना पड़ता है। मशीनें होने के बावजूद जानकारी के अभाव में लोग काउंटर पर निर्भर हैं। रायपुर स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को उन्हें पता चलता है कि अनारक्षित टिकट काउंटर को रिजर्वेशन काउंटर बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसे में ट्रेन छूटने के डर से यात्रियों को पहले वहां जाना पड़ता है और टिकट लेने के बाद करीब 50 मीटर दूर प्लेटफॉर्म तक पैदल लौटना पड़ता है। धूप में यह दूरी परेशानी बढ़ा रही है। स्थिति और जटिल इसलिए हो रही है क्योंकि पूछताछ काउंटर अब भी प्लेटफॉर्म पर ही है। टिकट लेने के बाद यात्रियों को ट्रेन समय और प्लेटफॉर्म जानकारी के लिए फिर वापस जाना पड़ता है। गेट क्रमांक-1 पर चार आटोमैटिक टिकट मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन तकनीकी जानकारी की कमी और ऑनलाइन भुगतान की समझ न होने से अधिकांश यात्री इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन जमीनी स्थिति अलग है। इसलिए काउंटर शिफ्ट: क्योंकि स्टेशन का डेवलेपमेंट का काम चल रहा है। पुरानी बिल्डिंग टूटेंगी, इसलिए अनारक्षित टिकट काउंटर को शिफ्ट कर दिया गया है। धूप में टिकट के लिए भागते नजर आए रेल यात्री, कई लोगों को मिला भी नहीं रविवार दोपहर 12:25 बजे गेट क्रमांक-1 पर यात्रियों की भागदौड़ साफ दिखी। जानकारी मिलते ही लोग करीब 100 मीटर दूर काउंटर की ओर दौड़ते नजर आए। चार मशीनों में से एक बंद थी, जबकि बाकी तीन पर भीड़ लगी रही। कई यात्री मशीन चलाने में असहज दिखे और मदद मांगते रहे। ओडिशा जाने वाले एक युवक का ऑनलाइन भुगतान न होने से टिकट नहीं निकल सका, जिसके बाद उसे काउंटर भेजा गया। यात्रियों ने बताई परेशानी शिफ्टिंग की जानकारी नहीं
जबलपुर जा रहे यात्री अरुण गुप्ता ने बताया कि स्टेशन पहुंचने पर ही उन्हें अनारक्षित काउंटर के दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट होने की जानकारी मिली। सूचना के अभाव में उन्हें तेज धूप में वहां तक जाना पड़ा और लंबी कतार में लगकर टिकट लेना पड़ा। इससे समय अधिक लगा और उन्हें काफी परेशानी हुई। मशीन चलाना ही नहीं आता
ओडिशा जा रहे यात्री माधव राम ने बताया कि गेट पर टिकट मशीनें लगी हैं, लेकिन अधिकांश यात्रियों को उन्हें चलाना नहीं आता। ऐसे में काउंटर पर निर्भर रहना पड़ता है। टिकट और पूछताछ अलग-अलग जगह होने से बार-बार आना-जाना पड़ता है, जिससे परेशानी बढ़ रही है।
लोगों को पहले से पता, डेवलमेंट का चल रहा काम
बिल्डिंग टूटने वाली है क्योंकि डेवलमेंट का काम चल रहा है। इस कारण सारी बिल्डिंग टूट जाएगी। इसलिए इसे बंद करना ही था तो बंद कर शिफ्ट किया गया कि लोगों को पहले से ही पता रहे। -दयानंद, डीआरएम, रायपुर रेल मंडल
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