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विधानसभा के प्रस्तावित विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस विधायक दल की बैठक कल आयोजित होगी। यह बैठक शाम को राजीव भवन में होगी, जिसमें नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत विधायकों के साथ रणनीति तय करेंगे। बैठक में विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण और महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की योजना बनाई जाएगी। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ दीपक बैज भी मौजूद रहेंगे। सरकार लाएगी विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव इधर, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि 30 अप्रैल को होने वाले विशेष सत्र में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने “आधी आबादी के संवैधानिक अधिकार छीनने का काम किया” और कांग्रेस शुरू से ही महिला आरक्षण का विरोध करती रही है। साव ने कहा कि इस सत्र के माध्यम से विपक्षी नेताओं की भूमिका को उजागर किया जाएगा। 30 अप्रैल को एक दिवसीय विशेष सत्र छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल को प्रस्तावित है। इस दौरान राज्य सरकार महिला आरक्षण कानून और डिलिमिटेशन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वे “दुखी मन” से अपनी बात रख रहे हैं। उनके मुताबिक महिलाओं को 33% आरक्षण देने का सपना विपक्ष के रुख के कारण पूरा नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंची है और यह केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
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