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महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी ने भाजपा पर महिला आरक्षण को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष और खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि भाजपा यह प्रचार कर रही है कि विपक्ष के विरोध के कारण महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (106वां संविधान संशोधन) संसद के दोनों सदनों से पारित होकर कानून बन चुका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी इसे मंजूरी दे चुकी हैं। केंद्र सरकार की ओर से पेश किया गया 131वां संविधान संशोधन विधेयक महिला आरक्षण से जुड़ा नहीं था। महिला आरक्षण को बताया मुखौटा कांग्रेस ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण को “मुखौटा” बनाकर परिसीमन संशोधन बिल और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े कानूनों में बदलाव कराना चाहती थी। प्रस्तावित विधेयक में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए रखी जानी थीं। पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन क्यों साथ ही परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात कही गई थी। परिसीमन के इस प्रस्ताव पर कई राज्यों ने आपत्ति जताई, जिसके चलते यह विधेयक पारित नहीं हो सका, जब नई जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, तो पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन क्यों किया जा रहा है। मौजूदा सीटों पर आरक्षण लागू करने की मांग कांग्रेस ने मांग की है कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो परिसीमन का इंतजार किए बिना मौजूदा सीटों पर ही 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए। इसके लिए 2023 के कानून में संशोधन कर इसे तुरंत लागू किया जा सकता है। आरक्षण दिलाने की पहल कांग्रेस सरकारों ने की कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने की पहल कांग्रेस सरकारों ने की थी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव के प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया कि आज देशभर में लाखों महिला जनप्रतिनिधि कांग्रेस की नीतियों की देन हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर देश में भ्रम फैला रही है, जबकि उसकी असली मंशा अपने हिसाब से सीटों का परिसीमन करना है।
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