जांजगीर | नगर कांग्रेस कमेटी ने स्थानीय शहीद स्मारक परिसर में झीरम घाटी नक्सली हमले की 13वीं बरसी पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। कार्यक्रम में 25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में परिवर्तन यात्रा के दौरान हुए हमले को लोकतंत्र पर हमला बताया गया। क्षेत्रीय विधायक ब्यास कश्यप ने कहा कि यह घटना भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है। उन्होंने कहा कि हमला केवल एक राजनीतिक दल पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की आवाज पर सीधा प्रहार था। सभा में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा की। वक्ताओं ने तत्कालीन रमन सिंह सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार होने के बावजूद महत्वपूर्ण राजनीतिक यात्रा की सुरक्षा में विफलता हुई और इसकी नैतिक जिम्मेदारी से तत्कालीन सरकार मुक्त नहीं हो सकती। कार्यक्रम में नंदकुमार पटेल और महेंद्र कर्मा सहित 32 शहीदों के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का संचालन रफ़ीक सिद्दीकी ने किया। नगर कांग्रेस अध्यक्ष रामविलास राठौर ने आभार व्यक्त किया। सभा में पार्टी के पार्षद, एल्डरमैन और विभिन्न मोर्चा-प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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