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कांकेर जिले के धनेलीकन्हार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों ने BMO डॉ. शशांक गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने BMO पर मनमानी, दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए उनके हटाने की मांग को लेकर स्वास्थ्य विभाग कार्यालय का घेराव कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बावजूद कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े रहे, जिसके चलते मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। कर्मचारियों ने लगाया मानसिक प्रताड़ना और मनमानी का आरोप प्रदर्शन कर रहे स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों का आरोप है कि BMO डॉ. शशांक गुप्ता के कार्यकाल में कर्मचारियों के साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें प्रताड़ित किया जाता है और कार्यस्थल पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद मजबूर होकर उन्हें कार्यालय का घेराव करना पड़ा। आवेदन भी आया सामने प्रदर्शन के दौरान एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता का आवेदन भी सामने आया है, जिसमें आरएचओ नंदिनी जैन ने तत्कालीन एचओएम/अधिकारी पर मानसिक तनाव देने और कार्य में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। आवेदन में कार्य संचालन में आ रही परेशानियों का उल्लेख करते हुए संबंधित कर्मचारी को मूल पदस्थापना स्थल पर भेजने की मांग की गई है। हालांकि इस आवेदन को लेकर विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। समझाइश के बाद भी नहीं माने कर्मचारी सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर आंदोलन समाप्त करने की अपील की। अधिकारियों ने कर्मचारियों की मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और BMO को हटाने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस बल रहा तैनात कार्यालय घेराव और बढ़ते तनाव को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
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