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बलौदाबाजार के कसडोल खंड चिकित्सा कार्यालय में बीएमओ के आदेश की अनदेखी सामने आई है। 19 आरएचओ कर्मचारियों को मूल पदस्थापना पर लौटने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अब तक केवल एक ही कर्मचारी वापस लौटा है। शहीद संताराम स्मृति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल के बीएमओ ने 27 मार्च 2026 को आदेश जारी किया। इसमें अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थाओं में संलग्न आरएचओ कर्मचारियों की संलग्नता समाप्त कर तत्काल मूल पद पर लौटने के निर्देश दिए गए। हालांकि इस मामले में बीएमओ डॉ. वंदना भोले का कहना है कि मुझे जानकारी नहीं है कि कितने कर्मचारी लौटे हैं, मैं पता करती हूं। विधानसभा रिपोर्टसे जुड़ा मामला यह मामला छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य-परिवार कल्याण विभाग के 12 मार्च 2026 के विधानसभा रिपोर्ट से जुड़ा है। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए युक्तियुक्तकरण की बात कही गई थी। इसके बाद संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, नवा रायपुर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), बलौदा बाजार ने 16 और 19 मार्च को निर्देश जारी किए। कसडोल बीएमओ ने लंबे समय से अन्य संस्थाओं में संलग्न कर्मचारियों की सूची जारी की। सभी को तुरंत मूल पदस्थापना पर लौटने कहा गया। निर्देशित कर्मचारियों के नाम निर्देशित कर्मचारियों में ममता पैंकरा, चन्द्रमण जायसवाल, संतोष यादव, कृष्ण नारायण ध्रुव, दयानंद केवट, विजय कुमार सिन्हा, शशिकांत साहू, सुरेंद्र कुमार ध्रुव, तरुण कुमार उडेनिया, नारायण प्रसाद साहू, अशोक साहू, मनीष कुमार साहू, सुखदेव प्रसाद डडसेना, लक्ष्मी प्रसाद साहू, मोहनलाल साहू, नायक प्रसाद वर्मा, गोपेन्द्र कुमार दास, केशव साहू शामिल हैं।
शहीद संताराम स्मृति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल के बीएमओ ने 27 मार्च 2026 को यह आदेश जारी किया था। इसमें स्पष्ट रूप से विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में संलग्न आरएचओ कर्मचारियों की संलग्नता समाप्त कर उन्हें तत्काल अपनी मूल पदस्थापना पर लौटने के निर्देश दिए गए थे। यह मामला छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 12 मार्च 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत एक प्रतिवेदन से जुड़ा है। इस प्रतिवेदन में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए युक्तियुक्तकरण (rationalization) की बात कही गई थी। इसके बाद, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, नवा रायपुर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), बलौदा बाजार ने क्रमशः 16 और 19 मार्च को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। इन्हीं निर्देशों के क्रम में, कसडोल बीएमओ ने उन कर्मचारियों की एक सूची जारी की थी जो लंबे समय से अन्य संस्थाओं में संलग्न थे। आदेश में इन सभी कर्मचारियों को तुरंत अपने मूल पद पर लौटने का निर्देश दिया गया था। जिन कर्मचारियों को तत्काल मूल पदस्थापना पर लौटना था, उनमें ममता पैंकरा (आरएचओ महिला), चन्द्रमण जायसवाल, संतोष यादव, कृष्ण नारायण ध्रुव, दयानंद केवट, विजय कुमार सिन्हा, शशिकांत साहू, सुरेंद्र कुमार ध्रुव, तरुण कुमार उडेनिया, नारायण प्रसाद साहू, अशोक साहू, मनीष कुमार साहू, सुखदेव प्रसाद डडसेना, लक्ष्मी प्रसाद साहू (महिया), मोहनलाल साहू, नायक प्रसाद वर्मा (रामपुर), गोपेन्द्र कुमार दास और केशव साहू शामिल हैं।
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