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भास्कर न्यूज | बालोद जिले के करकाभाट सहित प्रदेशभर के चार शुगर मिल में गन्ना बेचने के दो से तीन माह बाद भी किसानों को प्रबंधन, शासन की ओर से राशि भुगतान नहीं किया गया है। स्थिति ऐसी है कि शुगर मिल के एमडी राजेंद्र प्रसाद राठिया, जीएम लिलेश्वर कुमार देवांगन भी कुछ बता नहीं पा रहे है। हालांकि कर्मचारी दावा कर रहे है कि किसानों को राशि भुगतान हो चुका है। संशय की स्थिति है। जिसके चलते एक सप्ताह में राशि भुगतान नहीं होने की स्थिति में भारतीय किसान संघ ने आंदोलन व तालाबंदी की चेतावनी दी है। छग प्रदेश भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री नवीन शेष ने बताया कि बालोद जिले के शुगर मिल में 36 हजार 718 मीट्रिक टन गन्ना बेचने के एवज में किसानों को 12.08 करोड़ में से 4.11 करोड़ का भुगतान हुआ है। 7.97 करोड़ रुपए बकाया है। इसी तरह भोरमदेव शुगर मिल में 2 लाख 55 हजार 818.87 मीट्रिक टन गन्ना के एवज में 84.18 करोड़ में से 57.49 करोड़ का भुगतान हुआ है। जबकि 26.69 करोड़ बकाया है। पंडरिया शुगर मिल में एक लाख 21 हजार 721.64 मीट्रिक टन गन्ना के एवज में 40.05 करोड़ में से केवल 13.73 करोड़ का भुगतान हुआ है और 26.32 करोड़ बकाया है। समय पर भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट की स्थिति प्रदेश के केरता शुगर मिल में एक लाख 18 हजार 253.53 मीट्रिक टन गन्ना के एवज में 38.91 करोड़ मंे से किसानों को 16.50 करोड़ का भुगतान हुआ है और 22.41 करोड़ बकाया है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि समय पर राशि भुगतान नहीं होने से किसानों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। राज्य के चार प्रमुख शुगर मिलों की आर्थिक स्थिति बिगड़ने से किसान संकट में हैं। गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों को लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं। भारतीय किसान संघ ने नान (नागरिक आपूर्ति निगम) को शक्कर उठाने से रोककर गोदाम में ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदेश के 4 शुगर मिल में 5.32 लाख टन गन्ना खरीदी हुई भारतीय किसान संघ के अनुसार 22 मार्च 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के चार शुगर मिलों में कुल 5 लाख 32 हजार 512.06 मीट्रिक टन गन्ना खरीदी हुई। जिसके एवज में किसानों को 175.22 करोड़ में से 91.83 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ है। जबकि 83.39 करोड़ मिलने का इंतजार है। संघ ने मांग किया है कि सभी शुगर मिलों के किसानों का भुगतान जल्द किया जाए। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार किसानों का भुगतान 15 दिनों के अंदर होना अनिवार्य है। संघ ने चेतावनी दी है कि किसानों का बकाया भुगतान नहीं किया गया तो चारों शुगर मिलों के गोदामों में ताला लगाकर आंदोलन किया जाएगा।
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